उत्तर भारत में मानसून के दस्तक देने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कों पर जलभराव की गंभीर स्थिति और मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासनों ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। गाजियाबाद, रायबरेली, संभल, बदायूं और उत्तराखंड के उत्तरकाशी जैसे प्रमुख जिलों में आज सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। स्थानीय अधिकारियों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए सतर्क रहें।
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की सतर्कता
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ घंटे इन प्रभावित इलाकों के लिए बेहद संवेदनशील हो सकते हैं। कई स्थानों पर बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) ने देर रात और तड़के सुबह ही छुट्टी के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए। यह अवकाश यूपी बोर्ड, सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) से मान्यता प्राप्त सभी विद्यालयों पर समान रूप से प्रभावी होगा। छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है क्योंकि भारी बारिश के दौरान सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है।
रायबरेली में प्रशासन का त्वरित निर्णय
रायबरेली जिले में आज तड़के से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहे और जोरदार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। जलभराव की संभावित समस्याओं और यातायात में आने वाली बाधाओं को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तुरंत अवकाश की घोषणा की। रायबरेली के कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी परिषदीय, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में आज शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा। प्रशासनिक अधिकारियों का यह मानना है कि छात्रों को खराब मौसम के दौरान स्कूल आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसलिए समय रहते यह निर्णय लिया गया।
गाजियाबाद में ऑरेंज अलर्ट और 12वीं तक की छुट्टी
गाजियाबाद में मौसम विभाग द्वारा 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के प्रति बेहद सख्त रुख अपना लिया है। आज, 10 जुलाई 2026 को गाजियाबाद के कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इसका मुख्य कारण भारी बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड विद्यालयों को कड़े निर्देश दिए हैं। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
संभल और बदायूं में दो दिवसीय राहत
संभल में लगातार बारिश की मार के चलते स्कूलों को आज बंद रखा गया है। वहीं बदायूं से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौसम विभाग द्वारा बिजली गिरने और तीव्र बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा हेतु बड़ा फैसला लिया है। बदायूं में न केवल आज के लिए, बल्कि 10 और 11 जुलाई को भी कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में अवकाश की घोषणा की गई है। प्रशासन ने जलभराव से उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि बच्चे इस प्रतिकूल मौसम में पूरी तरह सुरक्षित रहें।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी स्कूल बंद
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। उत्तरकाशी जनपद में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा काफी अधिक बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन ने आज कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण नदी और नाले उफान पर हैं, जिससे स्कूली बच्चों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया था। छात्रों और उनके अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे कल स्कूल जाने से पहले छुट्टी के स्टेटस की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।











