काशी आने वाले लाखों पर्यटकों और शहर के आम नागरिकों के लिए अच्छी खबर है। स्मार्ट सिटी की दिशा में बढ़ रहे वाराणसी में अब सड़कों पर ही कई बुनियादी सुविधाएं एक छत के नीचे मिलने जा रही हैं। इसके लिए शहरभर में स्मार्ट पब्लिक फैसिलिटी सेंटर खड़े किए जाएंगे, जिनका पूरा खाका वाराणसी स्मार्ट सिटी तैयार कर चुकी है।
शहर की 18 जगहों पर बनेगा नेटवर्क
योजना के तहत शहर की अलग-अलग 18 जगहों को इन सेंटरों के लिए चुना गया है और हर जगह की जमीन भी पहले ही चिन्हित कर ली गई है। कचहरी स्थित आंबेडकर चौक के साथ-साथ लंका, रवींद्रपुरी, अस्सी, गिरजाघर, रथयात्रा, सिगरा, नदेसर, अर्दली बाजार और कैंट समेत कई प्रमुख इलाकों में ये केंद्र बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि इन जगहों का चयन उन्हीं व्यस्त इलाकों को ध्यान में रखकर हुआ है, जहां लोगों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है।
क्या-क्या मिलेगा और कितना देना होगा शुल्क
इन सेंटरों पर लोगों को बैठने की व्यवस्था के अलावा शौचालय, आरओ वॉटर, एयर कंडीशनर और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही सड़कों पर मुफ्त वाई-फाई की भी सहूलियत दी जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि इन सभी सुविधाओं के लिए लोगों को किसी तरह का कोई शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। इतना ही नहीं, हर सेंटर पर रोजमर्रा की जरूरत का सामान बेचने वाली दुकानें भी रहेंगी, ताकि एक ही जगह पर लोगों की कई जरूरतें पूरी हो सकें।
पीपीपी मॉडल और कुल लागत
वाराणसी स्मार्ट सिटी के पीआरओ शाकम्भरी नंदन के मुताबिक, इन स्मार्ट पब्लिक फैसिलिटी सेंटरों का निर्माण पीपीपी (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। एक सेंटर बनाने में करीब 35 लाख रुपये का खर्च आएगा और इस तरह पूरे प्रोजेक्ट पर कुल मिलाकर 6.3 करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है। शहर के जिन व्यस्त हिस्सों में लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इंतजार में काफी देर खड़ा रहना पड़ता है, वहां इन सेंटरों के बनने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
सबसे ज्यादा राहत पर्यटकों को
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा काशी पहुंचने वाले लाखों पर्यटकों को होगा। अक्सर देखा जाता है कि मोबाइल चार्ज कराने के लिए पर्यटक सड़कों पर इधर-उधर भटकते रहते हैं। इन सेंटरों के बन जाने के बाद उन्हें इस परेशानी से छुटकारा मिलेगा और वे आसानी से अपना फोन चार्ज कर सकेंगे। साथ ही यहां रुककर लोग अपने परिजनों या साथियों का इंतजार भी कर सकेंगे। गौरतलब है कि वाराणसी में कुछ साल पहले कचहरी चौराहे पर इसी तरह का एक सेंटर बनाया जा चुका है और अब उसी की तर्ज पर बाकी सेंटर खड़े किए जाएंगे।













