भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड के तीन दिवसीय कूटनीतिक दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत दोनों यूरोपीय देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों और समकालीन वैश्विक चुनौतियों पर विस्तृत बातचीत करेगा। यह दौरा एक ऐसे समय में हो रहा है जब पूर्वी यूरोप में जारी संघर्ष को समाप्त करने और शांति की पुनर्स्थापना के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास तीव्र हो चुके हैं।
यूक्रेन और पोलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता
तीन दिनों की इस व्यापक यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा से मुलाकात करेंगे और उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच जारी सैन्य संघर्ष के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों और शांति स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श होने की पूरी संभावना है। यूक्रेन वार्ता समाप्त करने के पश्चात, जयशंकर पोलैंड की राजधानी का रुख करेंगे, जहां वह पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ बैठक करेंगे। इस संवाद में भारत और पोलैंड के बीच व्यापारिक, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ यूरोपीय सुरक्षा परिदृश्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
बिश्केक में एससीओ समिट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश
विदेश मंत्री का यह यूरोपीय दौरा बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के हालिया शिखर सम्मेलन के ठीक बाद आयोजित हो रहा है। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 31 अगस्त को आयोजित एससीओ बैठक के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई थी। उस वार्ता में पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध के संबंध में एक अत्यंत स्पष्ट और दूरदर्शी संदेश दिया था। पीएम मोदी ने कहा था कि दुनिया को अब अंतहीन युद्ध की स्थिति से बाहर निकलकर युद्ध की समाप्ति की ओर निर्णायक कदम उठाने होंगे।
अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ने का आह्वान
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई उस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेखांकित किया था कि सैन्य संघर्ष का हर एक अतिरिक्त दिन मानवता को पीछे धकेलता है। इसके विपरीत, शांति की दिशा में उठाया गया प्रत्येक कदम मानव समाज में एक नया उत्साह और नई उम्मीद भरता है। पीएम मोदी ने बातचीत में कहा था कि भारत महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की ऐतिहासिक पावन धरती है, जो सदैव अहिंसा और शांतिपूर्ण समाधानों का पक्षधर रहा है। भारत उन सभी अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का निरंतर समर्थन करता आया है और आगे भी करता रहेगा जो इस युद्ध का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में निर्देशित हैं।
यूरोपीय मंच पर भारत का बढ़ता कूटनीतिक प्रभाव
विदेश मंत्री एस जयशंकर का यूक्रेन और पोलैंड दौरा भारत की संतुलित एवं स्वतंत्र विदेश नीति का एक व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत करता है। भारत लगातार संवाद और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं के समाधान की वकालत करता रहा है। जयशंकर की इन बैठकों में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय शांति से जुड़े कई आयामों पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है। इस रणनीतिक दौरे के जरिए भारत पूर्वी यूरोप में शांति प्रक्रिया को गति देने और अपनी वैश्विक भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने के प्रयास में जुटा है।



















