मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में तीज और जन्माष्टमी के त्योहारों को लेकर बाजार सज चुके हैं। इस बार बाजारों में पारंपरिक मिठाइयों के साथ एक नया और अनोखा स्वाद देखने को मिल रहा है। छतरपुर के लवकुश नगर में स्थानीय हलवाइयों ने खास जापानी ड्राई-फ्रूट्स लड्डू तैयार किया है। बिना शक्कर और बिना मैदा के तैयार यह लड्डू सेहत और स्वाद के मामले में लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
लवकुश नगर में बदला मिठाइयों का ट्रेंड
लवकुश नगर स्थित बब्बी रेस्टोरेंट के मालिक बब्बी चौरसिया के अनुसार, पहले बाजारों में केवल पारंपरिक मिठाइयों की मांग रहती थी। हालांकि, अब ग्राहकों की पसंद समय के साथ बदल रही है। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए इस फेस्टिव सीजन में एक खास मिठाई बाजार में उतारी गई है। बब्बी चौरसिया ने बताया, "हमारे यहां पहले पारंपरिक मिठाइयां ही बनती थीं, लेकिन अब जमाने के हिसाब से मिठाइयां भी बदल रही हैं।" 1000 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला यह जापानी लड्डू प्रीमियम श्रेणी की मिठाइयों में शामिल हो चुका है और इसकी बिक्री लगातार बढ़ रही है।
ड्राई-फ्रूट्स और शहद का आयुर्वेदिक मिश्रण
इस जापानी लड्डू को तैयार करने वाले कुशल कारीगर अरविंद सोनी हैं। उन्होंने इस लड्डू को पूरी तरह आयुर्वेदिक और स्वास्थ्यवर्धक तरीके से बनाया है। लड्डू की सामग्री में काजू, बादाम, पिस्ता, अंजीर और खजूर जैसे पोषक मेवों का इस्तेमाल किया गया है। मिठास लाने के लिए इसमें चीनी या शक्कर की जगह शुद्ध शहद मिलाया गया है। इसके अलावा, इसमें मैदा या किसी अन्य प्रोसेस्ड आटे का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। सामग्री की उच्च गुणवत्ता और शुद्धता के कारण यह खाने में बेहद स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद है।
शुगर पेशेंट्स और उपवास के लिए उपयुक्त
इस नए लड्डू की सबसे बड़ी खासियत इसकी डाएटरी उपयोगिता है। शक्कर से मुक्त होने के कारण शुगर पेशेंट भी बिना किसी संकोच के इस मिठास का आनंद ले सकते हैं। इसके साथ ही, मैदा और अनाज से रहित होने की वजह से सामान्य लोग इसे उपवास या व्रत के दौरान भी खा सकते हैं। तीज और जन्माष्टमी जैसे पावन मौकों पर उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देने वाला एक बेहतर और पौष्टिक विकल्प बनकर उभरा है।
छोटा आकार, प्रीमियम दाम और साल भर उपलब्धता
लड्डू के नामकरण के पीछे की वजह बताते हुए कारीगर अरविंद सोनी कहते हैं कि दिखने में यह लड्डू भले ही छोटे आकार का है, लेकिन इसका स्वाद और स्वास्थ्य लाभ बड़े आकार की मिठाइयों पर भारी पड़ता है। अरविंद सोनी ने बताया, "इसका नाम जापानी लड्डू इसलिए रखा है क्योंकि यह साइज में छोटा है लेकिन इसके स्वाद और सेहत के आगे बड़ी मिठाइयां भी फेल हैं।" काजू, बादाम और शहद जैसी महंगी सामग्रियों के कारण इसका दाम 1000 रुपए प्रति किलो रखा गया है। हालांकि इसे शुरुआत में त्योहारों को देखते हुए तैयार किया गया था, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए अब इसे पूरे साल उपलब्ध कराने की योजना है। पूर्व में 4 से 5 हजार किलो लड्डू बना चुके अरविंद सोनी को उम्मीद है कि छतरपुर के ग्राहकों को यह नया प्रयोग लगातार पसंद आता रहेगा।


















