केरल के पहाड़ी जिले वायनाड में मंगलवार को कुदरत ने एक बार फिर कहर बरपाया। मूसलाधार मॉनसूनी बारिश के बीच कल्लाडी सुरंग परियोजना के पास पहाड़ का एक हिस्सा दरक गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई और सात लोग लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और राहत दल घटनास्थल पर पहुंचकर लापता लोगों की तलाश में जुट गए, जबकि प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।
कब और कहां हुआ हादसा
यह भूस्खलन मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कल्लाडी इलाके में मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ। यहां वायनाड और मलप्पुरम को जोड़ने वाली प्रस्तावित सुरंग सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण पहाड़ी ढलान कमजोर पड़ गई और मिट्टी का बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस आपदा में दो लोगों की जान चली गई, सात लोग घायल हुए जिन्हें आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, और सात अन्य लोग लापता हैं जिनकी तलाश में राहत दल लगातार जुटे हुए हैं।
नदी में बह गई मजदूरों की बस
भूस्खलन और बाढ़ के पानी का बहाव इतना तेज था कि परियोजना के मजदूरों को ले जाने वाली एक निजी बस पास की नदी में बह गई। घटनास्थल की तस्वीरों में यह बस आधी पानी में डूबी हुई नजर आई। अधिकारियों का कहना है कि अगर उस वक्त पूरी क्षमता से निर्माण कार्य चल रहा होता, तो यह हादसा कहीं ज्यादा भयावह हो सकता था। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जब भूस्खलन हुआ तब मौके पर निर्माण मजदूरों का कोई बड़ा समूह मौजूद नहीं था। हालांकि जो लोग मलबे में फंसे होने की आशंका है, उनमें परियोजना क्षेत्र के पास तैनात इंजीनियर और सुरक्षाकर्मी शामिल बताए जा रहे हैं।
वायनाड और कोझिकोड में रेड अलर्ट
हादसे के बाद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तरी केरल के कुछ हिस्सों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है और वायनाड तथा कोझिकोड को रेड अलर्ट पर रखा है। रेड अलर्ट का मतलब है कि इतनी तेज बारिश हो सकती है जो और भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बड़े पैमाने पर आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकती है। पड़ोसी जिलों मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है, जहां चल रहे मॉनसून के दौरान बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
पहले से भीगी है पहाड़ों की मिट्टी
मौसम अधिकारियों के मुताबिक वायनाड में दिनभर तेज बारिश होती रही। विथिरी में 123 मिलीमीटर और मनंतवाडी में 64 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही इस बारिश ने पहले ही पहाड़ी इलाकों की मिट्टी को पूरी तरह भिगो दिया है, जिससे नई जगहों पर ढलान धंसने और भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है।
मुश्किल हालात में राहत अभियान
खराब मौसम के बावजूद राहत दल, पुलिस, दमकल सेवा और स्थानीय प्रशासन को मौके पर लगाया गया है। भारी बारिश, कमजोर और अस्थिर ढलानें तथा कम दृश्यता ने तलाशी अभियान को और मुश्किल बना दिया है। एहतियात के तौर पर आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा रहा है ताकि किसी और अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी और खतरे वाले इलाकों से दूर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।











