नोएडा में रोज ट्रैफिक जाम से जूझने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा प्राधिकरण शहर में 6 किलोमीटर लंबा और 6 लेन का एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी में जुट गया है। यह सड़क रजनीगंधा अंडरपास से शुरू होकर सेक्टर-60 स्थित यूप्लेक्स तक जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
किन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा?
यह एलिवेटेड रोड बनने के बाद सेक्टर-95, डीएनडी, सेक्टर-57, सेक्टर-60 और आसपास के औद्योगिक इलाकों में रोज आने-जाने वाले लोगों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इन रास्तों से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है।
आईआईटी रुड़की को मिली जिम्मेदारी, फीस मिलेगी 3.5 करोड़ रुपये
इस प्रोजेक्ट के लिए नोएडा प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की को अपना कंसल्टेंट बनाया है। सबसे पहले आईआईटी रुड़की यह पता लगाएगा कि इस जगह पर एलिवेटेड रोड बनाना कितना संभव और सही है। इसके बाद वह इस सड़क की डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेगा। इस पूरे काम के बदले नोएडा प्राधिकरण आईआईटी रुड़की को करीब 3.5 करोड़ रुपये देगा। बताया जा रहा है कि नोएडा प्राधिकरण ने अपने इतिहास में पहली बार किसी निर्माण परियोजना में आईआईटी रुड़की को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
अभी पांच बड़े ट्रैफिक सिग्नलों से गुजरना पड़ता है लोगों को
फिलहाल फेज-1 और फेज-3 के औद्योगिक इलाकों के बीच आने-जाने वाले लोगों को रजनीगंधा चौराहा, चौड़ा मोड़, सेक्टर-12 तिराहा और सेक्टर-57 समेत पांच बड़े ट्रैफिक सिग्नलों से होकर निकलना पड़ता है। यही वजह है कि यहां हर दिन लंबा जाम लगता है और लोगों का करीब आधा घंटा सिर्फ ट्रैफिक में ही निकल जाता है।
एलिवेटेड रोड बनने के बाद 10 मिनट में पूरा होगा यह सफर
लेकिन एलिवेटेड रोड तैयार होने के बाद यही सफर बिना कहीं रुके करीब 10 मिनट में पूरा हो जाएगा। इससे डीएनडी और दक्षिणी दिल्ली की तरफ जाने वाले लाखों वाहन चालकों का समय बचेगा और उनका सफर भी पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
एलाइनमेंट को मिल चुकी सैद्धांतिक मंजूरी, अब बनेगी फीजिबिलिटी रिपोर्ट
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश ने बताया कि रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर-60 के यूप्लेक्स तक बनने वाले इस 6 किलोमीटर लंबे और 6 लेन एलिवेटेड रोड के एलाइनमेंट को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब आईआईटी रुड़की इसकी फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके बाद डीपीआर बनाई जाएगी और फिर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा की सोसाइटियों को भी मिलेगी राहत
कृष्ण करुणेश ने कहा कि सड़क बनने के बाद सेक्टर-95 स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणास्थल, डीएनडी, सेक्टर-57, सेक्टर-60 और आसपास के औद्योगिक इलाकों के बीच सफर काफी तेज हो जाएगा। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा और आसपास की सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को भी रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि यह परियोजना शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। आने वाले समय में इससे नोएडा की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी और लोगों का सफर पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।











