केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों को राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने राजधानी में 8.1 किलोमीटर लंबी, 6-लेन की सड़क सुरंग परियोजना को हरी झंडी दी है। एस. जयशंकर ने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की।
कहां और क्यों बनेगी यह सुरंग
यह सुरंग पश्चिम दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, गुरुग्राम और IGI एयरपोर्ट के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने के मकसद से तैयार की जाएगी। ये मार्ग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सबसे व्यस्त इलाकों में गिने जाते हैं, जहां रोज़ाना लाखों यात्री, हवाई यात्री और दफ्तर जाने वाले लोग आना-जाना करते हैं। सुरंग के तैयार होने के बाद इन इलाकों के बीच यात्रा का समय काफी कम होने और रोज़ की जाम की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
17.5 लाख व्यक्ति-दिवस रोजगार का अनुमान
इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मिलाकर 17.5 लाख व्यक्ति-दिवस का रोजगार पैदा होने का अनुमान है। इसका मतलब है कि निर्माण कार्य के दौरान बड़ी तादाद में मजदूरों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और संबंधित क्षेत्रों के कामगारों को काम मिलेगा। यह आंकड़ा साफ बताता है कि इस प्रोजेक्ट का असर सिर्फ दिल्ली की सड़कों तक नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका तक भी पहुंचेगा।
मोदी सरकार का बुनियादी ढांचे पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पिछले कई वर्षों में देश भर में सड़कों, सुरंगों, राजमार्गों और हवाई अड्डों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में यह दर्ज किया कि मोदी ने 1952 के चुनावों के बाद से देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे किए हैं। इस पूरे कार्यकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज और लगातार निवेश इस सरकार की पहचान रही है। दिल्ली की यह नई सुरंग परियोजना उसी दीर्घकालिक नीति की एक और कड़ी है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस घोषणा पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां बड़ी संख्या में लोगों ने इसे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक जरूरी और स्वागत योग्य कदम बताया, वहीं कुछ नागरिकों ने निर्माण गुणवत्ता, समयसीमा और परियोजना में जवाबदेही को लेकर सवाल भी उठाए।





















