लखनऊ के मंच से योगी आदित्यनाथ ने सैकड़ों युवाओं को किया सम्मानित, कौशल सारथी पोर्टल की भी हुई शुरुआतनेता जी
1 घंटे पहले· 1

लखनऊ के मंच से योगी आदित्यनाथ ने सैकड़ों युवाओं को किया सम्मानित, कौशल सारथी पोर्टल की भी हुई शुरुआत

लखनऊ में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास मिशन और आईटीआई से प्रशिक्षित युवाओं को सम्मानित किया, साथ ही कौशल सारथी और कौशल सेतु पोर्टल भी लॉन्च किए गए।

लखनऊ में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास मिशन और आईटीआई से प्रशिक्षण लेकर रोजगार व उद्यमिता के जरिए आत्मनिर्भर बने युवाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर लखनऊ में एक बड़ा आयोजन हुआ, जिसमें कौशल, रोजगार और नवाचार से जुड़ी कई नई योजनाओं और पोर्टल्स की शुरुआत भी की गई।

कार्यक्रम में क्या हुआ

खबरों के मुताबिक इस सम्मान समारोह में करीब 400 युवाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें से 21 युवाओं को खास तौर पर 'यूथ आइकॉन' के रूप में पहचान दी गई। ये सभी युवा आईटीआई और कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण लेकर आज या तो खुद का रोजगार खड़ा कर चुके हैं या नौकरी हासिल कर चुके हैं। यानी सरकार का मकसद सिर्फ ट्रेनिंग देना नहीं, बल्कि यह दिखाना भी था कि प्रशिक्षण के बाद युवा वाकई आत्मनिर्भर बन रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ने कई उद्योगों के साथ समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को सीधे उद्योगों में रोजगार के अवसर मिल सकें और ट्रेनिंग सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे।

कौशल सारथी और कौशल सेतु पोर्टल लॉन्च

इसी कार्यक्रम में सरकार ने 'कौशल सारथी' पोर्टल का शुभारंभ किया, जो युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के हिसाब से सही प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का काम करेगा। इसके साथ ही 'कौशल सेतु' पोर्टल भी लॉन्च किया गया, जिसका मकसद कौशल विकास केंद्रों और उद्योगों के बीच सीधा संपर्क बनाना है। इससे प्रशिक्षण संस्थानों को यह पता चल सकेगा कि बाजार में असल में किस तरह के हुनर की मांग है, ताकि युवाओं की ट्रेनिंग नौकरी की जरूरतों के हिसाब से हो सके।

पूरे प्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन

विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर सिर्फ लखनऊ ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के 74 जिलों में 13 और 14 जुलाई को रोजगार मेले भी लगाए गए। इन मेलों में 'जीरो पॉवर्टी' सूची में शामिल युवाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी गई, यानी सरकार ने सबसे कमजोर तबकों तक रोजगार का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। गोंडा जिले में हुए ऐसे ही एक रोजगार मेले में 500 पदों के लिए युवाओं के साक्षात्कार लिए गए। सरकार का मकसद है कि हर जिले में युवाओं को उनके घर के पास ही रोजगार के मौके मिल सकें, ताकि उन्हें नौकरी के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।

योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर इस कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि लखनऊ में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर कौशल विकास मिशन और आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार व उद्यमिता से आत्मनिर्भर बने युवाओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। उन्होंने इस पोस्ट के साथ कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया।

लखनऊ के बारे में

लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी है और प्रशासनिक रूप से यह लखनऊ जिले के अंतर्गत आता है। राज्य की राजधानी होने की वजह से यहां अक्सर सरकार के बड़े कार्यक्रम, नीतिगत शुभारंभ और सम्मान समारोह आयोजित होते रहते हैं। यही वजह है कि विश्व युवा कौशल दिवस जैसे राष्ट्रीय महत्व के आयोजन के लिए भी लखनऊ को मंच बनाया गया।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की इस पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स ने कौशल विकास और युवाओं की आत्मनिर्भरता को लेकर सरकार के इस कदम की तारीफ की, तो वहीं कुछ लोगों ने इसी मंच का इस्तेमाल कर स्थानीय प्रशासन और अपने इलाके से जुड़ी अलग-अलग शिकायतें और सवाल भी उठाए।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर लखनऊ में क्या हुआ?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास मिशन और आईटीआई से प्रशिक्षित युवाओं को सम्मानित किया और कौशल सारथी व कौशल सेतु पोर्टल लॉन्च किए।
कार्यक्रम में कितने युवाओं को सम्मानित किया गया?
खबरों के मुताबिक करीब 400 युवाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें से 21 को खास तौर पर यूथ आइकॉन के तौर पर पहचान दी गई।
कौशल सारथी पोर्टल क्या काम करेगा?
यह पोर्टल युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के हिसाब से सही प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोजगार के अवसरों से जोड़ेगा।
कौशल सेतु पोर्टल का मकसद क्या है?
इसका मकसद कौशल विकास केंद्रों और उद्योगों के बीच सीधा संपर्क बनाना है, ताकि ट्रेनिंग बाजार की असल मांग के मुताबिक हो सके।
रोजगार मेले कब और कहां लगाए गए?
उत्तर प्रदेश के 74 जिलों में 13 और 14 जुलाई को रोजगार मेले लगाए गए।
इन रोजगार मेलों में प्राथमिकता किसे दी गई?
जीरो पॉवर्टी सूची में शामिल युवाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी गई।
गोंडा जिले में क्या हुआ?
गोंडा में हुए रोजगार मेले में 500 पदों के लिए युवाओं के साक्षात्कार लिए गए।

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR