प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर के. कामराज की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मोदी ने अपने हैंडल @narendramodi से पोस्ट करते हुए कामराज को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक मजबूत स्तंभ और एक असाधारण जननेता बताया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनकी इस पोस्ट के बाद आम लोगों से लेकर कई नेताओं तक ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
मोदी ने पोस्ट में क्या लिखा
अपनी पोस्ट में मोदी ने लिखा, "उनकी जयंती पर थिरु के. कामराज जी को याद कर रहा हूं। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के एक मजबूत स्तंभ और एक असाधारण जननेता के तौर पर उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। शिक्षा, समावेशी विकास और कल्याण जैसे क्षेत्रों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता..." यह पोस्ट अधूरी नजर आती है, लेकिन इसमें कामराज की शिक्षा और सामाजिक कल्याण को लेकर सोच की झलक साफ मिलती है। यह पहला मौका नहीं है जब मोदी ने कामराज को याद किया हो, इससे पहले भी वे हर साल उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते रहे हैं और उन्हें निस्वार्थ लोकसेवा तथा शिक्षा आधारित विकास का प्रतीक बताते रहे हैं।
कौन थे के. कामराज
कुमारस्वामी कामराज, जिन्हें कामराजर के नाम से भी जाना जाता है, भारत के स्वतंत्रता सेनानी, राजनेता, समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ थे। वे 13 अप्रैल 1954 से 2 अक्टूबर 1963 तक मद्रास के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद 1964 से 1967 के बीच वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। इसी दौर में उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री और बाद में इंदिरा गांधी को देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, जिसकी वजह से 1960 के दशक की भारतीय राजनीति में उन्हें व्यापक रूप से "किंगमेकर" के तौर पर जाना जाने लगा। बाद के वर्षों में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ) की स्थापना की और उसके अध्यक्ष भी रहे। तमिलनाडु में गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने की उनकी कोशिशों को आज भी याद किया जाता है।
दूसरे नेताओं की श्रद्धांजलि
कामराज को याद करने वाले सिर्फ मोदी अकेले नहीं थे। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय ने भी कामराज को पुष्पांजलि अर्पित की। खबरों के मुताबिक, विजय राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम करने की बात कहते रहे हैं। इससे पहले के वर्षों में भी इस मौके पर कई नेताओं ने कामराज को श्रद्धांजलि दी है, जिनमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे एम. के. स्टालिन शामिल हैं, जिन्होंने कामराज को पुष्पांजलि अर्पित की थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कामराज को एक सच्चा जननेता और उनके मकसद के लिए अथक संघर्ष करने वाला नेता बताया था। इन सभी श्रद्धांजलियों से यह जाहिर होता है कि कामराज आज भी तमिलनाडु की राजनीति में पार्टी लाइन से ऊपर उठकर एक सम्मानित और एकजुट करने वाले नेता के तौर पर याद किए जाते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
मोदी की इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। कई यूजर्स ने इस श्रद्धांजलि की सराहना की और कहा कि शिक्षा व राष्ट्र निर्माण को लेकर कामराज के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। वहीं कुछ लोगों ने इस पोस्ट के नीचे सरकार से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर सवाल उठाए और आलोचना भी की। कुछ यूजर्स ने इस मौके का इस्तेमाल दूसरे सार्वजनिक मुद्दों की तरफ ध्यान दिलाने के लिए भी किया, हालांकि इनका सीधा संबंध श्रद्धांजलि की मूल पोस्ट से नहीं था।

















