महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक पर राहुल गांधी का तीखा सवाल, 6 लाख अभ्यर्थी अब भी परीक्षा तारीख़ के इंतज़ार मेंनेता जी
2 घंटे पहले· 1

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक पर राहुल गांधी का तीखा सवाल, 6 लाख अभ्यर्थी अब भी परीक्षा तारीख़ के इंतज़ार में

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले पर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए, कहा कि दो हफ्ते बाद भी नई परीक्षा तारीख़ नहीं आई और 6 लाख अभ्यर्थी इंतज़ार में हैं।

महाराष्ट्र टीईटी यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा के पेपर लीक मामले पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि पेपर लीक होने से परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे करीब 6 लाख अभ्यर्थी असमंजस में फंस गए हैं। दो हफ्ते बीत जाने के बावजूद नई परीक्षा तारीख़ का अब तक ऐलान नहीं हुआ है।

पूरा मामला क्या है

महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा 28 जून को होनी थी, लेकिन परीक्षा से ठीक एक दिन पहले पेपर लीक होने की खबर सामने आई। इसके बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने परीक्षा को तुरंत रद्द कर दिया। यह मामला नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद के कुछ समय बाद सामने आया, जिससे परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठे। परीक्षा रद्द होने के दो हफ्ते बाद भी शिक्षा विभाग की ओर से नई तारीख़ जारी नहीं की गई है, जिसके चलते 6 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थी अगली सूचना का इंतज़ार कर रहे हैं।

पेपर कैसे लीक हुआ

खबरों के मुताबिक टीईटी का पेपर एक जूते में छिपाकर बाहर निकाला गया था। इस पूरी साजिश के पीछे बिजेंद्र गुप्ता नाम के शख्स का हाथ बताया जा रहा है। प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को महज़ 8 हज़ार रुपये और एक प्लॉट के बदले इस लीक में शामिल होने के लिए राज़ी किया गया, जबकि पूरे सौदे की कीमत करीब 80 हज़ार रुपये आंकी गई। इस मामले के तार बिहार और हरियाणा तक भी जुड़े पाए गए, और आरोप है कि इस नेटवर्क के ज़रिए करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ। एक स्टिंग ऑपरेशन में बिजेंद्र गुप्ता को यह कहते दिखाया गया था कि भले ही जेल हो जाए, बेल मिल जाएगी और यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

जांच में अब तक क्या हुआ

मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने अब तक दिल्ली और हरियाणा से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि बिहार में भी छापेमारी तेज़ कर दी गई है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक करने वाला पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन शामिल रहा है।

राहुल गांधी ने क्या कहा

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पेपर लीक करने वाले लोग आज़ाद घूम रहे हैं और सिस्टम पूरी तरह बेदाग़ बना हुआ है, जबकि सज़ा उन अभ्यर्थियों को भुगतनी पड़ रही है जिन्होंने ईमानदारी से मेहनत की। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो देश में कार्यरत शिक्षक हैं या आगे शिक्षक बनने वाले हैं, और इन्हीं के हाथों में भारत का भविष्य है। उनकी पोस्ट में परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही और अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर चिंता झलकती है।

महाराष्ट्र के बारे में

महाराष्ट्र भारत के पश्चिमी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में स्थित एक राज्य है और इसे देश के सबसे धनी और समृद्ध राज्यों में गिना जाता है। संस्कृत के दो शब्दों महा और राष्ट्र से मिलकर बना यह नाम महान देश का संकेत देता है, और यह नाम राज्य के संतों की देन माना जाता है। इसकी राजधानी मुंबई है, जो न सिर्फ़ भारत का सबसे बड़ा शहर है बल्कि देश की आर्थिक राजधानी भी कहलाती है। राज्य का पुणे शहर भी देश के बड़े महानगरों में शामिल है और भारत का छठवां सबसे बड़ा शहर है।

जनता की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूज़र्स ने अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए समर्थन जताया, तो कुछ ने परीक्षा प्रणाली और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। वहीं कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक बयानबाज़ी बताते हुए आलोचना भी की।

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सवाल-जवाब

महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा क्यों रद्द हुई?
परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक होने की खबर सामने आने पर शिक्षा विभाग ने 28 जून को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी।
पेपर कैसे लीक हुआ?
खबरों के मुताबिक पेपर एक जूते में छिपाकर बाहर निकाला गया और प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को 8 हज़ार रुपये और एक प्लॉट देकर इसमें शामिल किया गया।
इस मामले में मुख्य आरोपी कौन है?
इस साजिश के पीछे बिजेंद्र गुप्ता नाम के शख्स का हाथ बताया जा रहा है, जिसे एक स्टिंग ऑपरेशन में भी दिखाया गया था।
जांच में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है, जिसने दिल्ली और हरियाणा से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं बिहार में भी छापेमारी चल रही है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक करने वाले आज़ाद घूम रहे हैं जबकि ईमानदार अभ्यर्थियों को सज़ा भुगतनी पड़ रही है।
नई परीक्षा तारीख़ कब आएगी?
पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के दो हफ्ते बाद भी शिक्षा विभाग ने नई तारीख़ का ऐलान नहीं किया है।
कितने अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं?
करीब 6 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा रद्द होने से प्रभावित हुए हैं और नई तारीख़ का इंतज़ार कर रहे हैं।

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