अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स (@yadavakhilesh) पर एक पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन तोड़ने की विनम्र अपील की है। उन्होंने लिखा कि वांगचुक का जीवन पूरी दुनिया के लिए अनमोल है, क्योंकि इसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता झलकती है जितनी लोकतंत्र के लिए। यह अपील ऐसे वक्त पर आई है जब दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की सेहत में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
जंतर मंतर पर कब से जारी है प्रदर्शन
सोनम वांगचुक बीते कई दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक जून के आखिरी हफ्ते में ही यह प्रदर्शन अपने 10वें दिन में पहुंच चुका था, जब जंतर मंतर पर एक प्रेस वार्ता भी आयोजित की गई थी। इसके बाद प्रदर्शन आमरण अनशन के रूप में और उग्र होता गया, और जुलाई की शुरुआत तक यह अनशन 11वें दिन तक पहुंच गया।
15 दिन में साढ़े सात किलो से ज्यादा वजन घटा
ताजा जानकारी के मुताबिक सोनम वांगचुक करीब 15 दिनों से आमरण अनशन पर हैं और इस दौरान उनका करीब 7.8 किलो वजन कम हो चुका है। उनकी सेहत में लगातार गिरावट आ रही है, जिसे लेकर परिवार, समर्थकों और विपक्षी दलों में चिंता बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर आ रहे वीडियो और ग्राउंड रिपोर्ट्स में प्रदर्शन में शामिल छात्र भी अपनी बात रखते नजर आए हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान एक इंटरव्यू में सोनम वांगचुक से यह भी पूछा गया कि क्या वे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जिस पर उन्होंने अपनी बात रखी। वहीं आम आदमी पार्टी ने अनशन के 11वें दिन केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के पास सोनम वांगचुक की बात सुनने तक की फुर्सत नहीं है।
20 जुलाई को संसद तक मार्च का ऐलान
सीजेपी ने ऐलान किया है कि 20 जुलाई को जंतर मंतर से संसद तक एक मार्च निकाला जाएगा, जिसकी अगुवाई सोनम वांगचुक खुद करेंगे। संगठन ने लोगों से घर के सोफे पर बैठने के बजाय जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है, और विपक्षी दलों ने भी इस मार्च में साथ आने का ऐलान किया है।
पहले भी हो चुकी है रिहाई की चर्चा
यह पहला मौका नहीं है जब सोनम वांगचुक चर्चा में हैं। इससे पहले मार्च में सरकार ने उन्हें बिना किसी शर्त के जेल से रिहा किया था, जिस पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
अखिलेश यादव ने और क्या लिखा
अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हैं, उसका जिक्र करते हुए उन्होंने एक लिंक भी साझा किया। उनकी पूरी पोस्ट में सोनम वांगचुक के प्रति सम्मान और उनकी सेहत को लेकर चिंता साफ झलकती है।
जनता की प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव की इस अपील पर सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने पर्यावरण और लोकतंत्र के लिए सोनम वांगचुक के समर्पण की सराहना करते हुए शांतिपूर्ण संवाद और उनके जीवन की रक्षा की बात कही, जबकि कई यूजर्स ने अखिलेश यादव की मंशा और अपील की ईमानदारी पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से जोड़कर देखा।



















