लोकप्रिय कॉमेडी शो इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के छठे एपिसोड के दौरान एक अनूठा वाकया सामने आया जब होस्ट समय रैना ने अहमदाबाद में अपने लाइव शो की अनुमति को लेकर खुलकर बात की। इस एपिसोड में पैनल पर विशेष मेहमान के तौर पर मौजूद अभिनेता वरुण धवन भी शामिल थे, जिनके साथ समय की बातचीत ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। बातचीत के दौरान यह मुद्दा उठा कि किस तरह से अभी भी इस शहर में लाइव परफॉर्मेंस आयोजित करने की प्रशासनिक अनुमति नहीं मिल पा रही है और कॉमेडियन ने इसके लिए गुहार लगाई।
अहमदाबाद में लाइव शो की अनुमति के लिए अपील
एपिसोड की शुरुआत में जब अहमदाबाद से ताल्लुक रखने वाले एक कंटेस्टेंट ने स्थानीय दर्शकों को लाइव शो में आने के लिए प्रेरित किया, तो माहौल काफी हल्का-फुल्का था। कंटेस्टेंट ने कैमरे की ओर देखकर कहा कि उनके शहर के लोगों को लाइव इवेंट में जरूर पहुंचना चाहिए क्योंकि उन्हें समर्थन की आवश्यकता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समय ने कहा कि वह खुद इस समय अपने तय कार्यक्रमों के तहत अहमदाबाद में मंच पर प्रस्तुति नहीं दे पा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर स्पष्ट रूप से अधिकारियों से आग्रह किया कि उन्हें शहर में अपने शो आयोजित करने की अनुमति प्रदान की जाए।
वरुण धवन की मजाकिया प्रतिक्रिया और मदद का प्रस्ताव
पैनल पर बैठे वरुण धवन इस बात से खासे हैरान नजर आए कि लोकप्रिय कलाकार को इस तरह की रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। अभिनेता ने तुरंत पूछा कि क्या वह इस प्रशासनिक बाधा को पार करने में किसी प्रकार की सहायता कर सकते हैं। इस पर समय ने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि यदि वह सचमुच मदद कर सकें तो बहुत अच्छा होगा। हालांकि इसके तुरंत बाद वरुण ने पुराने चुटकुलों और समय द्वारा उन पर कसे गए तंजों का हवाला देते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि फिर तो बेहतर होगा कि वह शांत ही रहें, जिससे वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।
विवादों के बाद खड़े हुए थे परफॉर्मेंस से जुड़े संकट
गौरतलब है कि रणवीर इलाहाबादिया के एक पुराने एपिसोड से जुड़े विवाद के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और कानूनी शिकायतें सामने आई थीं, जिसका सीधा असर समय रैना के लाइव दौरों पर पड़ा। इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद अहमदाबाद और सूरत में 17 मार्च से 27 अप्रैल 2025 के बीच निर्धारित सभी शो अचानक रद्द कर दिए गए थे। बुकिंग प्लेटफॉर्म बुकमाईशो से भी इन आयोजनों की सारी सूचियां हटा दी गई थीं। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद ने सार्वजनिक तौर पर यह दावा किया था कि जनता के बीच उपजे भारी आक्रोश के चलते ही इन कार्यक्रमों को पूरी तरह से बंद करना पड़ा है।


















