मलयालम सिनेमा की सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'उयिर' (Uyir) का विस्तृत रिव्यू दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बड़े पर्दे पर अपनी कहानी और थ्रिलर मिजाज के लिए तारीफ बटोरने के बाद यह फिल्म 4 अगस्त 2026 से ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर डिजिटल स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध करा दी गई है। करीब ढाई घंटे लंबी यह साइकोलॉजिकल ड्रामा फिल्म केवल मलयालम ही नहीं, बल्कि हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ सहित कुल 5 भाषाओं में उपलब्ध है। अगर आप सस्पेंस और मानवी संवेदनाओं से भरी कहानियां देखना पसंद करते हैं, तो यह कम बजट वाली थ्रिलर फिल्म एक मजबूत विकल्प साबित होती है।
बचपन के ट्रॉमा से जुड़ी जांच की शुरुआत
फिल्म की कहानी कन्नूर जिले के धर्मदम पुलिस स्टेशन में तैनात एक प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टर अजीब रहमान के इर्द-गिर्द घूमती है। मुख्य किरदार अजीब रहमान की भूमिका अभिनेता रोशन मैथ्यू ने निभाई है। निर्देशक एम. पद्मकुमार ने फिल्म की शुरुआत एक भावुक फ्लैशबैक दृश्य से की है, जहां महाराष्ट्र की एक ट्रेन यात्रा के दौरान अजीब की छोटी बहन अचानक गायब हो जाती है। वह मासूम बच्ची फिर कभी वापस नहीं मिलती, और यह घटना अजीब के बाल मन पर एक गहरा मानसिक जख्म छोड़ जाती है।
सालों बाद जब अजीब पुलिस सेवा में शामिल होता है, तो उसे अपने शुरुआती करियर में ही एक बेहद उलझा हुआ मामला सौंपा जाता है। एक कुएं के भीतर से एक अनजान प्रवासी महिला का शव बरामद होता है। शुरुआत में स्थानीय पुलिस इसे एक साधारण आत्महत्या का मामला मानकर फाइल बंद करने की तैयारी में होती है। हालांकि, अजीब जब केस की गहराई में जाता है, तो उसे कई ऐसे सुराग मिलते हैं जो किसी गंभीर आपराधिक षड्यंत्र की ओर इशारा करते हैं।
मानव तस्करी और व्यक्तिगत इंसाफ का ताना-बाना
जांच आगे बढ़ने पर मृतका की पहचान शोभा के रूप में होती है, जिसका किरदार अभिनेत्री श्रुति मेनन ने निभाया है। शोभा एक प्रवासी मजदूर के रूप में काम कर रही थी। अजीब की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, साधारण दिखने वाली यह मौत एक बड़े संगठित आपराधिक नेटवर्क और मानव तस्करी के गिरोह से जुड़ने लगती है।
इस जांच में सबसे बड़ा मोड़ तब आता है जब मामले की परतें उधड़ते समय अजीब का अपना बीता हुआ अतीत सामने आ जाता है। अपनी बहन के गुमशुदा होने का मलाल और पछतावा अजीब को इस कदर परेशान करता है कि यह केस केवल एक विभागीय जिम्मेदारी नहीं रह जाता। अजीब के लिए यह जांच अपनी आत्मिक शांति, अतीत के पछतावे और पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की एक व्यक्तिगत लड़ाई बन जाती है।
कम बजट में बड़ा प्रभाव और बेहतरीन अभिनय
तकनीकी और निर्माण के लिहाज से 'उयिर' एक कम बजट की फिल्म है। निर्माताओं ने इस प्रोजेक्ट को केवल 3 से 7 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार किया था। सिनेमाघरों में अपनी रिलीज के दौरान यह फिल्म व्यावसायिक रूप से बड़ा धमाका नहीं कर पाई और दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 3 करोड़ रुपये से कम का कलेक्शन ही दर्ज कर सकी। इसके बावजूद दर्शकों और समीक्षकों ने इसके कथानक और प्रस्तुतीकरण को काफी सराहा, जिसके चलते आईएमबीडी पर इसे 8.2 की शानदार रेटिंग हासिल हुई है।
अभिनय के मोर्चे पर रोशन मैथ्यू ने एक मानसिक तनाव से जूझते पुलिस अफसर की भूमिका में बहुत ही सधा हुआ प्रदर्शन किया है। फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट में रोशन मैथ्यू और श्रुति मेनन के साथ बैजू संतोष, शाजू श्रीधर, अतुल्या चंद्रा, दिव्या एम. नायर, सैयामी खेर, विनीत थट्टिल और विनोद सागर जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
लेखन और संगीत पक्ष
फिल्म की पटकथा शाजी मारद और निखिल के. मेनन ने लिखी है, जिसमें सस्पेंस के साथ-साथ भावनात्मक गहराई का ध्यान रखा गया है। फिल्म का निर्माण संतोष त्रिविक्रमण ने किया है, जबकि इसका पार्श्व संगीत और गाने चार्ल्स नाजरेथ और मणिकंदन अयप्पा द्वारा तैयार किए गए हैं। ढाई घंटे के रनटाइम वाली यह थ्रिलर फिल्म अंत तक दर्शकों को बांधे रखने में सफल होती है।



















