किताबें पढ़ने के शौकीन किसी दोस्त या परिजन के लिए कोई नई किताब चुनना अक्सर काफी मुश्किल काम साबित होता है। हमेशा यह असमंजस बना रहता है कि क्या उन्होंने यह रचना पहले से पढ़ रखी है, क्या यह उनकी पसंद के मुताबिक होगी, या कहीं आपकी सिफारिश उन्हें नागवार न गुजर जाए। इस परेशानी का एक बेहद व्यावहारिक और खूबसूरत विकल्प मौजूद है। डिजिटल किताबें यानी ई-बुक्स पढ़ने वालों के लिए किसी नई किताब के बजाय उपयोगी गैजेट्स या एक्सेसरीज चुनना भावनात्मक तनाव को पूरी तरह खत्म कर देता है। चाहे कोई किंडल इस्तेमाल करता हो या अन्य गैर-किंडल विकल्प, कुछ चुनिंदा डिवाइस और एक्सेसरीज उनके हर रीडिंग सेशन को यादगार बना सकते हैं।
जेब में समा जाने वाला ई-रीडर: एक्सटिइंक एक्स4 प्रो
अक्सर डिजिटल पाठकों के पास पहले से अमेज़न किंडल मौजूद होता है, मगर चलते-फिरते पढ़ने के लिए एक अतिरिक्त और बेहद छोटे आकार का डिवाइस काफी काम आ सकता है। एक्सटिइंक एक्स4 प्रो ऐसा ही एक अनूठा विकल्प है, जिसकी कीमत $99 है (यह $109 की सूची मूल्य पर $10 की छूट के साथ $99 में उपलब्ध है)। टिकटॉक और रेडिट जैसे मंचों पर चीनी टेक स्टार्टअप का यह उपकरण खूब चर्चा बटोर रहा है। $100 से कम कीमत में हथेली के आकार का यह समर्पित ई-इंक उपकरण किसी भी छोटी जेब में आसानी से समा जाता है, जिससे पाठक अपनी लाइब्रेरी हमेशा अपने साथ रख सकते हैं। यहां तक कि इसके प्रचार चित्रों में इसे स्मार्टफोन के पीछे चुंबकीय तरीके से चिपका हुआ भी दिखाया गया है।
ब्रांड के शुरुआती मॉडल के मुकाबले इस नए संस्करण में काफी सुधार किए गए हैं। पहले मॉडल को चलाना थोड़ा पेचीदा था, मगर 4.3 इंच डिस्प्ले वाले इस नए संस्करण में तेज प्रोसेसर, अधिक रैम, टचस्क्रीन और फ्रंट लाइट जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। हालांकि यह मुख्य डिवाइस के रूप में हर किसी के लिए अनुकूल न हो, लेकिन यात्रा के दौरान पढ़ने के शौकीनों के लिए यह बेहद उपयोगी और कॉम्पैक्ट गैजेट है।
स्मार्टफोन की लत छुड़ाने वाला रंगीन डिवाइस: बूक्स पाल्मा 2 प्रो
यदि आपका बजट अधिक है और आप ऐसा उपहार देना चाहते हैं जो किसी की आदत को पूरी तरह बदल सके, तो 6.13 इंच रंगीन ई-इंक स्क्रीन वाला बूक्स पाल्मा 2 प्रो एक शानदार विकल्प है, जिसकी कीमत $399.99 है। स्मार्टफोन के आकार में आने वाले इस उपकरण ने छोटे ई-रीडर्स के चलन को नई दिशा दी है और यह लगातार स्क्रीन स्क्रॉल करने की आदत छुड़ाने में काफी कारगर साबित होता है।
यह उपकरण एक ओपन एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है, जिसके चलते यह गूगल प्ले स्टोर से जुड़ सकता है। पाठक इसमें किंडल, नूक या कोई भी अन्य रीडिंग ऐप आसानी से इंस्टॉल कर सकते हैं। इसका सीधा फायदा यह है कि यूजर अपनी पुरानी ई-बुक्स किसी भी प्लेटफॉर्म से पढ़ सकते हैं और नए स्रोत भी जोड़ सकते हैं। इसके अलावा, इसमें मोबाइल सिम के जरिए इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा है और यह स्टाइलस के साथ भी काम करता है। यह आंखों पर बिना कोई अतिरिक्त दबाव डाले उत्पादकता और नोट्स बनाने के लिए एक बेहतरीन उपकरण बन जाता है, क्योंकि इसकी स्क्रीन साधारण स्मार्टफोन की तुलना में आंखों को परेशान नहीं करती।
बिना हाथ लगाए पन्ने पलटने का रिमोट: बूक्स टैपी
आमतौर पर ई-रीडर पर किताबें पढ़ते समय स्क्रीन को छूना पड़ता है या फिर किनारे पर लगे बटन को दबाना पड़ता है। लेकिन ब्लूटूथ पेज टर्नर इस प्रक्रिया को पूरी तरह बदल देते हैं। बूक्स टैपी एक ऐसा ही वायरलेस पेज टर्नर रिमोट है, जिसकी कीमत $29.99 (लगभग $30) है। यह हाथ में थामने वाला छोटा रिमोट है जिसके बटन दबाते ही स्क्रीन का पन्ना पलट जाता है।
यह उपकरण उन पाठकों के लिए बेहद मददगार है जिन्हें जोड़ों के दर्द, गठिया या किसी शारीरिक परेशानी के कारण बार-बार हाथ हिलाने में दिक्कत होती है। साथ ही सामान्य पाठकों के लिए भी यह बेहद आरामदायक है। सर्दियों में रजाई के भीतर हाथ रखकर गोद में रखे टैबलेट के पन्ने पलटे जा सकते हैं, या फिर खाना खाते समय उंगलियों के निशान और दाग स्क्रीन पर लगे बिना आराम से पढ़ा जा सकता है।
हालांकि किंडल उपयोगकर्ताओं के लिए इसमें एक तकनीकी सीमा है। अमेज़न किंडल डिवाइस सीधे ब्लूटूथ रिमोट पेज टर्नर को सपोर्ट नहीं करते। यह सुविधा केवल एंड्रॉइड आधारित ई-रीडर्स (जैसे बूक्स गो 6) या फिर कोबो क्लारा कलर जैसे उपकरणों पर काम करती है, जिनमें ब्लूटूथ एक्सेसरीज सपोर्ट मिलता है। यदि किसी के पास किंडल है, तो उसके लिए एक अलग प्रकार के रेडियो फ्रीक्वेंसी रिमोट की आवश्यकता होती है, जो स्क्रीन पर भौतिक क्लिप लगाकर पन्ने पलटने का काम करता है।
कुशन स्टैंड और स्नैक बाउल का संगम: सूपडेस्क टैबलेट पिलो स्टैंड
जब आपके पास पन्ने पलटने के लिए रिमोट मौजूद हो, तो डिवाइस को हाथ में थामे रहने की भी जरूरत नहीं रह जाती। ऐसे में हैंड्स-फ्री स्टैंड का इस्तेमाल पढ़ने के सुख को दोगुना कर देता है। लचीली गर्दन वाले साधारण स्टैंड के अलावा, $44.99 (लगभग $45) का सूपडेस्क टैबलेट पिलो स्टैंड एक बेहद अनोखा विकल्प है।
यह मुलायम रोएंदार कुशन जैसा स्टैंड है, जिसमें खाने-पीने की हल्की चीजों के लिए एक कटोरा यानी स्नैक बाउल भी बना हुआ है। इसे जरूरत के अनुसार एडजस्ट किया जा सकता है, जिससे यह लगभग हर आकार के ई-रीडर, किंडल या आईपैड को मजबूती से थाम लेता है। बिस्तर या सोफे पर बैठकर पढ़ते समय यह पाठकों को बेहतरीन सुविधा देता है।
लंबे समय तक पढ़ने के लिए ग्रिप स्ट्रैप: स्ट्रैप्सिकल
ई-रीडर्स वजन में काफी हल्के होते हैं, लेकिन घंटों तक उन्हें थामे रखने से कलाई और उंगलियों में थकान होने लगती है। इस समस्या का समाधान एक साधारण लेकिन मजबूत स्ट्रैप के जरिए किया जा सकता है। स्ट्रैप्सिकल एक ऐसा ही एक्सेसरी है, जिसकी कीमत $19.99 (लगभग $20) है। यह डिवाइस के किनारों और पीछे मजबूती से लग जाता है, जिससे बिना कसकर पकड़े भी ई-रीडर हाथ में सुरक्षित टिका रहता है।
यह किंडल पेपरव्हाइट और कोबो ऑरा एच2ओ जैसे चुनिंदा मॉडल्स के लिए खास आकारों में उपलब्ध है। इसके अलावा बाजार में अधिक सस्ते और यूनिवर्सल विकल्प भी मौजूद हैं, जो विभिन्न आकारों के टैबलेट्स और रीडर्स के साथ फिट हो जाते हैं और लंबे समय तक पढ़ने के दौरान हाथों को आराम देते हैं।
मैग्नेटिक रिंग वाला पारदर्शी कवर और पॉपसॉकेट ग्रिप
किसी को प्रिंटेड या डिजाइन वाला कवर उपहार में देना थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि हर पाठक की व्यक्तिगत पसंद अलग होती है। इसकी जगह मैग्नेटिक रिंग वाला पारदर्शी बैक कवर देना ज्यादा समझदारी भरा कदम है। 7 इंच आकार के रीडर्स (जैसे किंडल पेपरव्हाइट 12th जेनरेशन 2024 और किंडल कलरसॉफ्ट) के लिए कोबैक मैग्नेटिक क्लियर केस $15.99 में उपलब्ध है।
इस पारदर्शी कवर की खूबी यह है कि पाठक इसके नीचे अपनी पसंद के स्टिकर्स लगाकर इसे आसानी से पर्सनलाइज कर सकते हैं। इसके साथ ही इसमें लगा मैगसेफ जैसा मैग्नेटिक रिंग अतिरिक्त एक्सेसरीज जोड़ने की सुविधा देता है। इस रिंग पर मैग्नेटिक पॉपसॉकेट्स ग्रिप आसानी से चिपक जाती है, जिसकी कीमत $34.99 की मूल कीमत पर $3.01 छूट के साथ $31.98 (या मानक किक-आउट ग्रिप के लिए लगभग $14) है। यह न सिर्फ डिवाइस को थामने के लिए बेहतरीन पकड़ देती है बल्कि मेज पर टिकाने के लिए स्टैंड की तरह भी काम करती है। यह मेल किसी भी डिजिटल पाठक के लिए एक उपयोगी और आकर्षक उपहार पैकेज साबित होता है।



















