अंक ज्योतिष के अनुसार इन 3 खास मूलांक वाले लोग परिवार के सुख के लिए हंसते-हंसते सहते हैं हर कष्टअजोला जलीय पौधे से दुधारू मवेशियों का दूध उत्पादन 15 प्रतिशत बढ़ाने का आसान तरीकाऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले बांग्लादेश को बड़ा झटका, डार्विन प्रैक्टिस मैच में स्पिनर तैजुल इस्लाम की उंगली हुई चोटिलराजस्थान के सीकर में भूजल और खेती का आधार बना रैवासा वेटलैंड, बढ़ते कचरे से मंडराया संकटलैपटॉप चार्जिंग के लिए 5 सबसे पावरफुल पावर बैंक, जानिए 300W आउटपुट और 90000mAh क्षमता वाले धांसू ऑप्शंसकर्क राशिफल 8 अगस्त 2026: जल्दबाजी के फैसलों से बचें और करियर में सहकर्मियों का सहयोग लेंदिल्ली-एनसीआर में H1N1 स्वाइन फ्लू का संक्रमण 5 गुना बढ़ा, जानें RT-PCR जांच का खर्च, लक्षण और बचाव के नियममिथुन राशिफल 8 अगस्त 2026: संयम और बजट से सधेंगे काम, करियर में मिलेंगे आगे बढ़ने के नए मौकेबिटकॉइन $64,000 के पार मजबूत: ETF इनफ्लो और व्हेल की खरीदारी के बीच अमेरिकी NFP आंकड़ों और मध्य पूर्व तनाव पर बाजार की निगाहेंमेड बाय गूगल 2026 कार्यक्रम 12 अगस्त को होगा शुरू, जानिए लाइव स्ट्रीम का समय और नए डिवाइस
भवानीपुर में 44,000 वोट कटने का आरोप, कलकत्ता हाई कोर्ट ने CCTV फुटेज और VVPAT सुरक्षित रखने का आदेश दियाराजनीति
23 जून 2026, 5:36 pm (45 दिन पहले)· 5

भवानीपुर में 44,000 वोट कटने का आरोप, कलकत्ता हाई कोर्ट ने CCTV फुटेज और VVPAT सुरक्षित रखने का आदेश दिया

कलकत्ता हाई कोर्ट ने भवानीपुर विधानसभा चुनाव मामले में CCTV फुटेज, VVPAT और EVM को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने 44,000 से 55,000 वोटर्स के नाम अवैध रूप से मतदाता सूची से हटाए जाने और चुनाव अधिकारियों के साथ क्विड प्रो क्वो का गंभीर आरोप लगाया है।

भवानीपुर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव को लेकर कानूनी लड़ाई मंगलवार को एक नए और बेहद तीखे मोड़ पर पहुंच गई। कलकत्ता हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और जाने-माने अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के ऐसे तथ्य सामने रखे कि पूरा माहौल गर्म हो गया। अदालत ने टीएमसी की याचिका स्वीकार कर एक अहम आदेश जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में एक नया कानूनी तूफान खड़ा होना लगभग तय माना जा रहा है।

44,000 से 55,000 वोटर्स के नाम सूची से हटाए जाने का दावा

कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 44,000 से 55,000 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अवैध तरीके से हटाए गए। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस सीट पर 15,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में शामिल रहे अधिकारियों की पूरी सूची और उनकी मौजूदा तैनाती का पूरा ब्योरा भी अदालत के सामने रखा।

अधिकारियों पर क्विड प्रो क्वो का सीधा आरोप

तृणमूल कांग्रेस ने तत्कालीन चुनाव अधिकारियों और राज्य प्रशासन के बीच सीधे तौर पर क्विड प्रो क्वो यानी काम के बदले उपकार का आरोप लगाया। कल्याण बनर्जी ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों का नाम लेते हुए उनके चुनाव के बाद हुई पदोन्नतियों और तैनाती पर सवाल उठाए। उनके अनुसार मनोज अग्रवाल, जो उस वक्त मुख्य चुनाव अधिकारी थे, उन्हें चुनाव खत्म होते ही मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त कर दिया गया। एक दौर ऐसा भी था जब वे एक साथ दोनों पदों पर कार्यरत थे। जिस अधिकारी के कार्यकाल में हजारों वोटर्स के नाम कटे और कई शिकायतें दर्ज हुईं, उसे मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद मुख्य सचिव बना दिया गया। इसके अलावा, भवानीपुर में 44,000 वोट कटने के समय जो अधिकारी स्पेशल ऑब्जर्वर की भूमिका में थे, वे आज मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार के पद पर काम कर रहे हैं।

कोर्ट का सख्त निर्देश, CCTV और VVPAT रहेंगे सुरक्षित

मतगणना हॉल में कथित मारपीट और हिंसा के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने सख्त रुख अख्तियार किया। अदालत ने निर्देश दिया कि मतगणना हॉल और उसके आसपास के सभी CCTV कैमरों का फुटेज, VVPAT और EVM को पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित रखा जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों और विपक्षी पक्ष को 4 सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश भी दिया गया।

कल्याण बनर्जी ने कहा, "हमने अदालत को बताया है कि काउंटिंग हॉल में हमारे लोगों के साथ जो मारपीट और दुर्व्यवहार हुआ था, उसे CCTV फुटेज के जरिए आसानी से साबित किया जा सकता है। कोर्ट ने हमारी इस मांग को स्वीकार कर लिया है।"

12 दिन बाद अगली सुनवाई, बड़े फैसले की संभावना

कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 12 दिन बाद तय की है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अगर 4 सप्ताह के भीतर दाखिल होने वाले हलफनामों और CCTV फुटेज की जांच में कोई भी गड़बड़ी या प्रक्रियात्मक चूक सामने आती है, तो भवानीपुर का पूरा चुनाव परिणाम सवालों के घेरे में आ जाएगा।

सत्तारूढ़ पक्ष इस पूरे मामले को तृणमूल कांग्रेस की खीझ और राजनीतिक हताशा बता रहा है। लेकिन टीएमसी का साफ कहना है कि यह लड़ाई लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली को बचाने के लिए है। कलकत्ता हाई कोर्ट के इस कड़े आदेश के बाद अब गेंद चुनाव आयोग और उन अधिकारियों के पाले में है, जिन्हें तय समय सीमा के भीतर कोर्ट के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

कलकत्ता हाई कोर्ट ने भवानीपुर चुनाव मामले में क्या आदेश दिया है?
कोर्ट ने मतगणना हॉल और उसके आसपास के सभी CCTV फुटेज, VVPAT और EVM को पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित रखने का आदेश दिया है।
टीएमसी के अनुसार भवानीपुर में कितने वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटाए गए?
टीएमसी का आरोप है कि भवानीपुर में 44,000 से 55,000 मतदाताओं के नाम अवैध तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए थे।
ममता बनर्जी को भवानीपुर में कितने वोटों से हार मिली?
कल्याण बनर्जी के अनुसार ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर 15,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
मनोज अग्रवाल के खिलाफ क्या आरोप लगाए गए हैं?
आरोप है कि मनोज अग्रवाल, जो उस वक्त मुख्य चुनाव अधिकारी थे, उन्हें चुनाव के बाद क्विड प्रो क्वो के तहत मुख्य सचिव का पद दिया गया और एक समय वे दोनों पदों पर एक साथ काम कर रहे थे।
काउंटिंग हॉल में क्या हुआ था?
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि मतगणना हॉल में उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया, जिसे CCTV फुटेज से साबित किया जा सकता है।
अगली सुनवाई कब होगी?
कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार की तारीख से 12 दिन बाद तय की है।
संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए कितना समय दिया गया है?
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों और विपक्षी पक्ष को 4 सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR