पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने अपने ही सुरक्षाकर्मियों को हटाकर पुलिस स्टेशनों में तैनात करने की मांग उठाई है। मंगलवार को उन्होंने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर कहा कि इलाके में चोरी और लूट की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और आम नागरिकों को उनसे ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है।
डीजीपी गौरव यादव को भेजा पत्र
सांसद सीचेवाल ने अपना पत्र पंजाब पुलिस प्रमुख गौरव यादव को संबोधित किया। पत्र में उन्होंने बताया कि उनकी सुरक्षा में कुल छह जवान तैनात हैं। उन्होंने मांग रखी कि इनमें से तीन जवानों को लोहियान खास पुलिस स्टेशन भेजा जाए, जबकि बाकी तीन को कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी पुलिस स्टेशन में तैनात किया जाए, ताकि वे आम लोगों की सुरक्षा में काम आ सकें।
सीचेवाल ने पत्र में लिखा, "चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की बढ़ती घटनाओं ने श्रद्धालुओं के बीच डर का माहौल बना दिया है।"
इलाके में अपराध और नशे की समस्या गहरी
सांसद के मुताबिक जालंधर जिले के लोहियान इलाके और सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र में चोरी, लूट के साथ-साथ नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं, जो चिंता का विषय बन गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी निजी सुरक्षा में तैनात छह जवानों की बजाय पुलिस स्टेशनों को इन जवानों की ज्यादा जरूरत है, जिससे वे आम जनता की हिफाजत कर सकें। इससे पहले भी सांसद सीचेवाल डीजीपी को मल्सियां पुलिस चौकी को लेकर पत्र लिख चुके हैं, जहां तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या जरूरत के मुकाबले कम थी और बढ़ते अपराध की वजह से लोग परेशान थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अपने पैतृक गांव सीचेवाल में एक ही रात में चोरी की आठ वारदातें हो गईं, जिनमें चोर बिजली के तार तक उठा ले गए।
पवित्र बेइन नदी किनारे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर चिंता
सांसद ने पत्र में पवित्र 'बेइन' नदी के आसपास कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। यह वही ऐतिहासिक स्थान है जो गुरु नानक देव से जुड़ा है और जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते हैं। उनका कहना है कि इस पवित्र स्थल के आसपास बढ़ती चोरी और अन्य आपराधिक वारदातों ने वहां आने वाले श्रद्धालुओं में डर पैदा कर दिया है और किसी सम्मानित धार्मिक स्थान के नजदीक ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
शुरू में ठुकरा दिया था सुरक्षा कवर
सीचेवाल ने पत्र में यह भी साफ किया कि जब उन्हें सुरक्षा देने का प्रस्ताव आया था, तब उन्होंने खुद इसे यह कहकर ठुकरा दिया था कि उन्हें किसी तरह का खतरा महसूस नहीं होता। बावजूद इसके, उनकी इच्छा के विपरीत सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए। अब उन्होंने डीजीपी से आग्रह किया है कि उनकी सुरक्षा तुरंत हटाई जाए और छह जवानों को दोनों पुलिस स्टेशनों में दोबारा तैनात किया जाए, ताकि वे आम लोगों की सेवा में लग सकें।



















