देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव की जमानत बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका ठुकराईराजनीति
2 घंटे पहले· 1

देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव की जमानत बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका ठुकराई

चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है और झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की सीबीआई की मांग भी नहीं मानी.

चारा घोटाले के देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने फिलहाल उनकी जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है, साथ ही झारखंड हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगाने की सीबीआई की मांग भी स्वीकार नहीं की.

क्या है देवघर कोषागार का यह मामला

चारा घोटाला बिहार का वह बहुचर्चित मामला है जिसमें सरकारी खजाने से पशुओं के चारे के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हुई थी. इसी घोटाले से जुड़े कई मामलों में लालू प्रसाद यादव को अलग-अलग अदालतों से सजा हो चुकी है. देवघर कोषागार से जुड़ा यह मामला भी इसी घोटाले की कड़ियों में से एक है, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट ने पहले ही लालू प्रसाद यादव को जमानत दे दी थी.

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सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में क्या मांगा था

जांच एजेंसी सीबीआई इस फैसले से संतुष्ट नहीं थी. उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में जमानत दी गई थी. सीबीआई ने अदालत से मांग की थी कि लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द कर दी जाए और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की इस मांग को नहीं माना. अदालत ने फिलहाल लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद झारखंड हाईकोर्ट से मिली उनकी जमानत बरकरार रहेगी. इसका मतलब है कि देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को अभी जेल नहीं जाना पड़ेगा.

जमानत के बाद लालू प्रसाद यादव की गतिविधियां

चारा घोटाले में सजायाफ्ता होने के बावजूद लालू प्रसाद यादव जमानत पर बाहर हैं. इसी सिलसिले में रांची की एक अदालत ने उन्हें सिंगापुर जाने की भी इजाजत दी थी. वहीं इस साल 22 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में उनकी जमानत रद्द करने की सीबीआई की मांग पर सुनवाई तय हुई थी, जिसके बाद अब अदालत ने अपना फैसला सुनाया है.

परिवार से जुड़ा एक और मामला भी चर्चा में

लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ा एक अलग मामला, भूमि के बदले नौकरी घोटाला भी इन दिनों सुर्खियों में है. इस मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद तेजस्वी यादव पर कानूनी दबाव बढ़ा है. हालांकि यह देवघर कोषागार मामले से अलग मुकदमा है और सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले का इससे सीधा संबंध नहीं है.

आगे क्या होगा

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद देवघर कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव की जमानत बरकरार रहेगी. सीबीआई की याचिका खारिज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी निगाहें रहेंगी.

सवाल-जवाब

देवघर कोषागार मामला किससे जुड़ा है?
यह मामला बिहार के चर्चित चारा घोटाले से जुड़ा है, जिसमें सरकारी खजाने से पशुओं के चारे के नाम पर धोखाधड़ी हुई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया और झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की सीबीआई की मांग भी नहीं मानी.
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में क्या मांग की थी?
सीबीआई ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में जमानत दी गई थी, और उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी.
क्या लालू प्रसाद यादव अभी जेल में हैं?
नहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देवघर कोषागार मामले में उनकी जमानत बरकरार रहेगी और वे जेल से बाहर ही रहेंगे.
क्या लालू प्रसाद यादव को कहीं जाने की इजाजत मिली थी?
हां, रांची की एक अदालत ने उन्हें सिंगापुर जाने की इजाजत दी थी.
भूमि के बदले नौकरी घोटाले का इस मामले से क्या संबंध है?
यह लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ा एक अलग मामला है, जिसमें तेजस्वी यादव पर आरोप पत्र दाखिल होने के बाद कानूनी दबाव बढ़ा है, लेकिन इसका देवघर कोषागार मामले से सीधा संबंध नहीं है.

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