बेंगलुरु में कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार और दिल्ली में नेतृत्व से मुलाकात की संभावनाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोमवार को पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल के नए सदस्यों को शामिल करने में उनकी ओर से किसी भी प्रकार का विलंब नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी वर्तमान प्राथमिकताओं में राज्य विधानसभा का सत्र आयोजित करना सबसे ऊपर है। डी.के. शिवकुमार के अनुसार, उन्होंने विधानसभा सत्र की शुरुआत के लिए 6 अगस्त की तिथि निर्धारित की है और वे पूरी तरह से उसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
दिल्ली दौरे और मंत्रिमंडल विस्तार पर स्थिति
दिल्ली जाने के संदर्भ में डी.के. शिवकुमार ने कहा कि वे कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व यानी आलाकमान से मिलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन वे उस समय का इंतजार कर रहे हैं जब पार्टी हाईकमान उन्हें मिलने का समय देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले तीन या चार दिनों के भीतर उन्हें दिल्ली यात्रा के लिए एक निश्चित तारीख मिल जाएगी। वर्तमान में कर्नाटक मंत्रिमंडल में स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री समेत केवल 14 मंत्री ही कार्यरत हैं, जबकि राज्य की संवैधानिक सीमा के अनुसार कुल 34 मंत्री होने चाहिए। इस प्रकार, मंत्रिमंडल में अभी 20 महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। इन रिक्त पदों को भरने के लिए कांग्रेस के भीतर काफी गहमागहमी देखी जा रही है, जहां वरिष्ठ विधायक अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय रूप से लॉबिंग कर रहे हैं।
कावेरी जल विवाद और मांड्या की चिंताएं
कावेरी नदी जल बंटवारे को लेकर जारी विवाद पर डी.के. शिवकुमार ने कहा कि उन्हें मांड्या के विधायकों के एक समूह ने सूचित किया है। मांड्या, श्रीरंगपट्टनम के विधायकों और संबंधित जिले के मंत्रियों ने उनसे मुलाकात कर पानी छोड़े जाने की मांग रखी है। डी.के. शिवकुमार ने बताया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार 15 जुलाई को होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद अंतिम निर्णय लेगी। उन्होंने भरोसा दिया कि कर्नाटक सरकार मांड्या जिले के किसानों के हितों की पूरी रक्षा करेगी और निवासियों को पीने का पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगी। साथ ही, उन्होंने स्वीकार किया कि तमिलनाडु से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना भी कानूनी रूप से आवश्यक है। 15 जुलाई की बैठक में राज्य अपना पक्ष मजबूती से रखेगा और शाम तक मामले का समाधान निकाला जाएगा।
केपीएससी अध्यक्ष का निलंबन
कर्नाटक लोक सेवा आयोग यानी केपीएससी के अध्यक्ष के निलंबन के मुद्दे पर डी.के. शिवकुमार ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है। राज्यपाल ने स्वयं निलंबन का आदेश जारी किया है। सरकार ने आयोग के प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए पहले ही आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे वरिष्ठ अधिकारी को तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि आयोग के कामकाज में निरंतरता बनी रहे।











