बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन के त्यागपत्र देने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी, जिस पर अब कब्जा जमाने के लिए सभी दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है। जनसुराज पार्टी की ओर से प्रशांत किशोर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना प्रत्याशी बनाया है। लंबे समय से बांकीपुर को भारतीय जनता पार्टी का अभेद्य किला माना जाता रहा है, जहां पार्टी की जीत को एक साधारण औपचारिकता समझा जाता था। हालांकि, इस बार समीकरण पूरी तरह बदले हुए दिख रहे हैं। प्रत्याशी में बदलाव और प्रशांत किशोर की चुनावी मैदान में मौजूदगी ने इस मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
प्रशांत किशोर का बड़ा दावा
नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि कोई भी चुनावी सीट किसी की निजी जागीर नहीं होती है। उन्होंने कहा कि अंततः जनता ही यह तय करेगी कि चुनावी रण में कौन विजयी होगा। उन्होंने बांकीपुर के मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी के कथित घमंड को चकनाचूर करने का आह्वान किया और अपनी जीत का भरोसा जताया।
नीरज सिन्हा के नामांकन में शक्ति प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने अपना नामांकन दाखिल करने से पहले एक भव्य रोड शो आयोजित किया, जिसमें उन्होंने अपना जनसमर्थन प्रदर्शित करने का प्रयास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और रविशंकर प्रसाद समेत अन्य सहयोगी दलों के दिग्गज नेता वहां मौजूद थे। नीरज कुमार सिन्हा ने पार्टी आलाकमान का आभार जताते हुए कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता पर जताया गया यह भरोसा उनके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे वह पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
नामांकन के अंतिम दिन का राजनीतिक ड्रामा
बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन भरने का आज अंतिम दिन था और इस दौरान एक अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। जनशक्ति जनता दल की प्रत्याशी वीणा मानवी जैसे ही अपना नामांकन पत्र जमा कर कार्यालय से बाहर निकलीं, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस का तर्क था कि वीणा मानवी के खिलाफ काफी समय से एक धोखाधड़ी का मामला लंबित था और उनके नाम गैर-ज़मानती वारंट जारी किया गया था। इस गिरफ्तारी के समय पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध दर्ज कराया, लेकिन पुलिस ने उन्हें अपने साथ ले जाने में सफलता हासिल की।
वीणा मानवी की गिरफ्तारी पर तेज प्रताप का तीखा हमला
गिरफ्तारी के बाद वीणा मानवी ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर यह कार्रवाई की गई है। बाद में जब उन्हें अदालत में पेश किया गया, तो वहां से उन्हें जमानत मिल गई। इस मामले पर तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी प्रत्याशी काफी दिनों से क्षेत्र में प्रचार कर रही थीं, तो पुलिस ने पहले गिरफ्तारी क्यों नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन भरते ही गिरफ्तारी करना भारतीय जनता पार्टी की एक सोची-समझी साजिश है।
बांकीपुर सीट का चुनावी इतिहास
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को भारतीय जनता पार्टी के सबसे सुरक्षित गढ़ों में गिना जाता है। वर्ष 1995 से यह सीट लगातार भारतीय जनता पार्टी के पास रही है। नवीन प्रसाद किशोर सिन्हा ने वर्ष 1995 से 2005 तक लगातार तीन बार इस सीट पर जीत हासिल की थी। उनके बाद नितिन नवीन ने लगातार चार चुनावों में यहां से सफलता प्राप्त की। नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। दिलचस्प यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने अभिषेक बंटी की जगह इस बार 32 वर्षीय नीरज कुमार सिन्हा को टिकट दिया है। नामांकन के समय नीरज कुमार सिन्हा बूथ स्तर पर पर्चियां बांटने में व्यस्त थे, तभी उन्हें इस नई जिम्मेदारी का पता चला।











