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इंडिया अलायंस की 1 नवंबर की रैली से पहले अमित शाह ने बुलाई हाईलेवल सुरक्षा बैठकराजनीति
24 अक्तू॰ 2026, 11:36 pm (2 दिन पहले)· 0

इंडिया अलायंस की 1 नवंबर की रैली से पहले अमित शाह ने बुलाई हाईलेवल सुरक्षा बैठक

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया अलायंस की महारैली से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान कानून व्यवस्था और प्रदर्शनों से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली विपक्षी दलों की महारैली को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। कांग्रेस पार्टी का दावा है कि इस मेगा रैली में लाखों लोग जुटेंगे। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और तेलंगाना जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में भीड़ को दिल्ली लाने की तैयारी की जा रही है। विपक्षी खेमे के इन तेवरों को देखते हुए केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। स्थिति से निपटने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए शनिवार को दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। करीब तीन घंटे तक चली इस महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और कई अन्य शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे।

सुरक्षा इंतजाम और उपद्रवियों पर सख्त एक्शन की तैयारी

हाल के महीनों में राजधानी में हुए प्रदर्शनों और पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाओं को इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्य रूप से एजेंडे में रखा गया। पिछले पांच महीनों के दौरान हुई सुरक्षा चूक और हिंसक प्रदर्शनों की समीक्षा करते हुए गृह मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अगर राहुल गांधी और इंडिया अलायंस की ओर से बुलाई गई 1 नवंबर की इस महारैली के दौरान किसी भी तरह का उपद्रव या कानून व्यवस्था बिगड़ने की कोशिश हुई, तो उपद्रवियों के खिलाफ तुरंत और बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन को हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है।

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बीजेपी का राहुल गांधी पर गंभीर हमला और विदेशी टूलकिट का आरोप

राजनीतिक मोर्चे पर भी भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वह पूरी तरह से एक विदेशी टूलकिट के इशारे पर काम कर रहे हैं। सत्तारूढ़ दल का सीधा आरोप है कि राहुल गांधी, उनकी पार्टी और पूरा इंडिया अलायंस 1 नवंबर को दिल्ली की सड़कों पर जानबूझकर अराजकता फैलाना चाहता है और शहर की कानून व्यवस्था को पूरी तरह बाधित करने की योजना बना रहा है। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष का यह राजनीतिक एजेंडा देश की स्थिरता के खिलाफ है और इसके पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है।

पिछली रैलियों के आंकड़े और व्यापारियों की आपत्ति

राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की भी है कि क्या 1 नवंबर को इंडिया अलायंस वाकई पूरी दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था जाम करने में सफल होगा या उनका यह प्रयास भी पिछले प्रदर्शनों की तरह फुस्स साबित होगा। इस साल 12 अक्टूबर की घटना को याद करें जब राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन का दावा किया था। उस समय भी कांग्रेस ने बढ़-चढ़कर दावे किए थे कि दिल्ली की सड़कों पर 50 हजार लोग उतरेंगे, लेकिन वास्तविकता में 14 विरोधी दलों के नेता मिलकर भी डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सिर्फ 8,000 लोगों की भीड़ ही जुटा पाए थे और वह सियासी स्टंट पूरी तरह फेल हो गया था। इस बीच, व्यापारी संघ ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित इस रैली को तुरंत स्थगित करने की मांग की है, जिससे व्यापार पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जाहिर की गई है।

सवाल-जवाब

1 नवंबर को दिल्ली में कौन सी बड़ी रैली होने वाली है?
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया अलायंस की एक महारैली आयोजित की जाने वाली है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कौन सी बैठक बुलाई?
गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस उच्च स्तरीय बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया है?
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी एक विदेशी टूलकिट के तौर पर काम कर रहे हैं।
व्यापारी संघ ने क्या मांग की है?
व्यापारी संघ ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर 1 नवंबर की रैली को स्थगित करने की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·2 दिन पहले

हर बार रैली से पहले इतनी सख्ती क्यों? लगता है इस बार भी भीड़ उतनी नहीं होगी जितनी ये बता रहे हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

अमित शाह ने दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर में तीन घंटे तक बैठक की है, यानी सरकार ने इसे बहुत हल्के में नहीं लिया है।

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·2 दिन पहले

रोहन जी, बात सही है। जब ग्रहों की चाल और राजनीतिक गृह एक साथ भारी हों, तो सतर्क रहना ही बुद्धिमानी है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

पिछली बार जब रामलीला मैदान के पास ऐसी रैली हुई थी, तो मेरा ऑफिस पहुंचने में तीन घंटे लग गए थे और पूरी सड़क पर गाड़ियां फंसी थीं। इस बार भी वही डर है कि 1 नवंबर को फिर से पूरा शहर जाम हो जाएगा और आम लोगों को परेशानी होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। पिछली बार कनॉट प्लेस के पास ऐसा ही जाम मिला था कि ऑफिस पहुंचते-पहुंचते डेढ़ घंटा लेट हो गया था। इस बार भी वही टेंशन है।

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