त्वचा की खुजली को अक्सर लोग एक मामूली सी परेशानी मानकर छोड़ देते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए कई लोग बाजार से नई क्रीम ले आते हैं या अपने खानपान में बदलाव करने लगते हैं। हालांकि, यदि त्वचा पर चकत्ते और खुजली बार-बार लौटकर आ रही है, लंबे वक्त तक बनी रहती है या आपकी रात की नींद में खलल डालने लगी है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के कंसल्टेंट त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित बत्रा ने विस्तार से बताया है कि त्वचा संबंधी किन संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए और चिकित्सक से परामर्श करना कब आवश्यक हो जाता है।
किन परिस्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
- लक्षणों का बार-बार उभरना: पित्ती की समस्या कभी-कभार सामने आकर अपने आप ठीक हो सकती है, लेकिन जो लक्षण बार-बार लौटते हैं उन पर पैनी नजर रखनी चाहिए। यह बेहद जरूरी है कि इस बात पर ध्यान दिया जाए कि पित्ती कितने अंतराल पर उभर रही है और यह सिलसिला कितने दिनों से चल रहा है।
- नींद में बाधा आना: लगातार परेशान करने वाली खुजली की वजह से रात के समय चैन की नींद सोने में दिक्कत आ सकती है। नींद पूरी न होने की स्थिति में पूरे दिन थकान, मन में चिड़चिड़ापन और किसी भी काम में ध्यान केंद्रित करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि खुजली के कारण आपके दैनिक कामकाज प्रभावित होने लगें, तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर को बताना चाहिए।
- घरेलू नुस्खों का बेअसर होना: पित्ती की समस्या बार-रेकर होने पर लोग इसके मुख्य कारणों का पता लगाने के लिए अपने खानपान, स्किन केयर प्रोडक्ट्स और रोजाना की दिनचूरी में बदलाव करने लगते हैं। कई बार लोग बिना यह जाने कि समस्या क्यों लौट रही है, मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाली दवाइयों का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं।
विशेष सावधानी बरतने का सही समय
त्वचा पर लगातार होने वाली खुजली और बार-बार उभरने वाली पित्ती को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा मानकर कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। यदि ये तकलीफदेह लक्षण छह हफ्ते से अधिक समय तक टिके रहते हैं, खुद के किए गए उपायों के बावजूद बार-बार वापस आ जाते हैं या आपके कामकाज और नींद पर बुरा असर डालने लगते हैं, तो बिना देर किए किसी योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।



















