व्यापार शुरू करने के विचार से ही घबराने वालों के लिए हैदराबाद निवासी किशोर कुमार पैडिकोंडाला का यह सफर एक बड़ी मिसाल पेश करता है। उनके पूरे खानदान में हमेशा से ही नौकरी करने की परंपरा रही थी और पीढ़ियों में कभी किसी ने व्यापार की तरफ कदम नहीं बढ़ाया था। लेकिन किशोर ने अपने परिवार में इस लीक से हटकर जोखिम उठाया और नौकरी का सुरक्षित दायरा छोड़कर खुद के उद्यम की शुरुआत करने का साहस जुटाया।
फार्मास्यूटिकल सेक्टर में लंबा समय गुजारने और पर्याप्त अनुभव बटोरने के बाद, उन्होंने साल 2014 में जीवीएसके फार्मा प्राइवेट लिमिटेड की नींव रखी। हालांकि, उनके बिजनेस के रास्ते में असली और बड़ा बदलाव साल 2020 में आया जब पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी के दौर से गुजर रही थी। उस मुश्किल समय में उन्होंने महसूस किया कि आम जनता का रुझान आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बहुत तेजी से मुड़ रहा है, जिसके बाद उन्होंने अपने कारोबार का रुख पूरी तरह से आयुर्वेद की तरफ मोड़ दिया।
आयुष मंत्रालय से प्रमाणित उत्पाद
दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान हुई बातचीत में किशोर कुमार ने अपने इस दिलचस्प सफर के कई अहम पहलुओं से पर्दा उठाया। उन्होंने जानकारी दी कि उनकी कंपनी के अंतर्गत तैयार होने वाले सभी उत्पाद आयुष मंत्रालय द्वारा आधिकारिक रूप से स्वीकृत हैं। इन आयुर्वेदिक उत्पादों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें बाजार में ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराने से पहले जानवरों और इंसानों पर कड़े क्लिनिकल परीक्षणों से गुजारा जाता है। पूरी तरह से गुणवत्ता की जांच और परख करने के बाद ही इन्हें उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया जाता है।
देश से लेकर विदेशों तक भारी मांग
कंपनी का मुख्य उद्देश्य ऐसे आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण करना है जिनकी बाजार में सबसे अधिक मांग बनी रहती है। किशोर कुमार ने बताया कि उनका उद्यम शिलाजीत और शहद के मिश्रण से तैयार एक विशेष उत्पाद बनाता है। इस खास उत्पाद की जबरदस्त डिमांड न केवल हमारे देश के कोने-कोने में है, बल्कि विदेशों में भी लोग इसे बेहद पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही इन उत्पादों की कीमतें भी काफी किफायती रखी गई हैं ताकि आम आदमी की पहुंच से बाहर न हों।
इसके अतिरिक्त महिलाओं की सेहत और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए भी कंपनी ने बेहतरीन आयुर्वेदिक उत्पाद बाजार में उतारे हैं। हालांकि बाजार में महिलाओं के इंटीमेट वॉश के तमाम विकल्प पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन उनकी कंपनी ने पूरी तरह प्राकृतिक आयुर्वेद की मदद से एक अनूठा वॉश विकसित किया है। इसके शानदार और सकारात्मक परिणामों के कारण यह उत्पाद महिलाओं के बीच काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
सफलता के नए आयाम और करोड़ों का टर्नओवर
उत्पादों की बेहतरीन गुणवत्ता और जेब के अनुकूल दामों के कारण किशोर कुमार द्वारा बनाए गए आयुर्वेदिक उत्पाद देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी खूब धूम मचा रहे हैं। इसी का सुखद परिणाम है कि साल 2014 में एक छोटे पैमाने पर शुरू हुआ यह सफर साल 2026 तक पहुंचते-पहुंचते 20 करोड़ रुपये के प्रभावशाली टर्नओवर के आंकड़े को छू चुका है। चालू वर्ष के दौरान बिक्री में और भी अधिक तेजी दर्ज की जा रही है, जिससे कंपनी के कारोबार में आने वाले दिनों में और भी बड़े उछाल की उम्मीद की जा रही है। एक साधारण नौकरीपेशा परिवार से ताल्लुक रखने वाले और अपनी मेहनत के दम पर 20 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी करने वाले किशोर की यह सफलता आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है।


















