NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा अब पूरे बिहार में फूट पड़ा है। राज्य में परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिसके कारण राज्यव्यापी बंद के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिल रही हैं। इसी हंगामे के बीच पटना में प्रदर्शन कर रहे JJD नेता तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने छात्रों का पुरजोर समर्थन किया और कहा कि वह युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी जान देने को भी तैयार हैं।
पटना में झड़प और तेज प्रताप यादव की हिरासत
बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर छात्रों के भारी हुजूम ने परीक्षा प्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन को अपना समर्थन देने पहुंचे जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अपनी हिरासत के दौरान उन्होंने युवाओं के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कहा कि वह नौजवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और अपने देश के युवाओं के हक के लिए किसी भी हद तक जाने और मर-मिटने को तैयार हैं।
पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में हिंसक टकराव में बदल गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। इस दौरान पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान इलाका पूरी तरह से जंग के मैदान में तब्दील हो गया, जहां भारी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने की कोशिश करता नजर आया।
वाहनों में तोड़फोड़ और अन्य जिलों में बढ़ता बवाल
बिहार बंद के आह्वान के दौरान पटना में आंदोलनकारियों का गुस्सा चरम पर था, जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों को निशाना बनाया। आक्रोशित छात्रों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की और उन्हें सड़क पर ही पलट दिया। यह विरोध प्रदर्शन केवल पटना तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहार के सासाराम और पूर्णिया जैसे अन्य बड़े शहरों में भी भारी हंगामा देखने को मिला, जहां छात्रों ने सड़कों पर उतरकर व्यवस्था के खिलाफ कड़ा रोष जताया।
बिहार के छपरा जिले में भी प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस बल के बीच हिंसक झड़प की खबर सामने आई है। वहां उग्र भीड़ को संभालने के दौरान पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इसके अलावा औरंगाबाद जिले में स्थिति और भी गंभीर हो गई, जहां छात्रों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव की इस घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को उग्र प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी और इस्तीफे की मांग
राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है। पटना के साथ-साथ सिवान, जहानाबाद, शेखपुरा और रोहतास जैसे संवेदनशील जिलों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके और शांति व्यवस्था बहाल की जा सके।
आंदोलन कर रहे छात्रों और उन्हें समर्थन दे रहे राजनीतिक दलों की सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा के आयोजन में हुई इतनी बड़ी लापरवाही के लिए मंत्रालय सीधे तौर पर जिम्मेदार है। छात्रों का कहना है कि जब तक पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।



















