बिहार की राजधानी पटना में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के निजी सचिव प्रीतम कुमार का तबादला कर दिया गया है। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है, जिसके अनुसार प्रीतम कुमार को उनके वर्तमान पद से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
नई जिम्मेदारी और नियुक्ति
आदेश के मुताबिक, प्रीतम कुमार अब नई दिल्ली में अपनी सेवाएं देंगे। उन्हें भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाले संस्थान, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। वहां उन्हें डिप्टी जनरल मैनेजर (एचआर एंड एडमिन) के पद पर काम करना होगा। राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बाद उन्हें नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय की जिम्मेदारी छोड़नी होगी।
अनुभवी अधिकारी की पृष्ठभूमि
प्रीतम कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा के एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं। उनका लंबा प्रशासनिक करियर रहा है। जब महागठबंधन सरकार के दौरान तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री थे, तब भी प्रीतम कुमार उनके निजी सचिव के रूप में ही कार्यरत थे। उन्हें अगस्त 2022 में इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब अचानक हुए इस तबादले ने बिहार की राजनीति में कई तरह के कयासों को जन्म दे दिया है।
सियासी हलचल और संदर्भ
राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को काफी अहम माना जा रहा है। विशेष रूप से तब, जब तेजस्वी यादव फिलहाल विदेश दौरे (यूरोप टूर) पर हैं। सरकार ने इस कदम को एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, लेकिन विपक्षी खेमे में इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
सुरक्षा और आवास विवाद
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास और सुरक्षा को लेकर काफी विवाद देखने को मिला था। पहले उन्होंने 10 सर्कुलर रोड स्थित अपना आवास खाली करने में आपत्ति जताई थी, हालांकि बाद में भवन निर्माण विभाग की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्होंने नया आवास स्वीकार कर लिया और पुराना बंगला खाली कर दिया।
इसी अवधि में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की सुरक्षा में भी बदलाव किए गए थे। बिहार सरकार द्वारा सुरक्षा की समीक्षा के बाद व्यवस्था में बदलाव किए जाने पर राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार पर विपक्षी नेताओं की सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप लगाया था। बढ़ते दबाव और विरोध के बीच, इन नेताओं ने अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर दी थी। हालांकि बाद में सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा को दोबारा बहाल कर दिया और उन्हें जेड कैटेगरी की सुरक्षा, जिसमें बुलेटप्रूफ गाड़ियां भी शामिल हैं, प्रदान की जा रही है।
राजनीतिक चुनौतियां
फिलहाल राज्य की सियासत में कई मोर्चों पर हलचल है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट बंटवारे और पार्टी के संगठनात्मक फैसलों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के भीतर असंतोष की खबरें भी छनकर आ रही हैं। तेजस्वी यादव के यूरोप दौरे पर रहने के दौरान उनके करीबी अधिकारी का दिल्ली तबादला होना, राज्य की मौजूदा राजनीति में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।











