दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। बिहार में भी इसका सीधा असर देखने को मिला, जहां पटना स्थित लोकभवन के गेट पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने डेरा जमा लिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पटना के लोकभवन पर धरना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम खुद कई कार्यकर्ताओं के साथ लोकभवन के सामने धरने पर बैठ गए। पार्टी का कहना है कि यह धरना दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में दिया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि लोकभवन का पूरा परिसर प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित है, यानी नियमों के मुताबिक यहां किसी भी तरह की सभा, प्रदर्शन या धरना देना गैरकानूनी माना जाता है। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहीं जमकर हल्ला बोला।
दिल्ली में राहुल गांधी की हिरासत
देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया। इसी प्रदर्शन में देशभर के युवा भी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। राहुल गांधी की हिरासत की खबर फैलते ही कांग्रेस के अलग अलग राज्यों के नेता और कार्यकर्ता विरोध में उतर आए।
नीट से जुड़े छात्रों का मुद्दा भी शामिल
पटना के इस धरने में सिर्फ दिल्ली के लाठीचार्ज का विरोध ही नहीं, बल्कि नीट प्रकरण से जुड़ी मांगें भी उठाई गईं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की और साथ ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई।
दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस सड़कों पर
यह विरोध सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहा। झारखंड में रांची स्थित लोकभवन के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा से लेकर राजभवन तक धरने पर बैठ गए, जहां पुलिस ने पटवारी को भी हिरासत में ले लिया। वहीं हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुक्खू खुद केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठे नजर आए।



















