दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले प्रदर्शन में शामिल रहे पांच छात्रों रिया अहीर, नूतन टोपू, फरहा नाज़, भरत बनाईथ और मुस्कान शर्मा को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को अपने साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुलाया. इस दौरान इन सभी ने पुलिस पर मारपीट, धमकी और गैरकानूनी हिरासत के गंभीर आरोप लगाए, जबकि राहुल गांधी ने इन्हें संविधान और आइडिया ऑफ इंडिया की रक्षा करने वाला बताया.
राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में क्या कहा
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में राहुल गांधी ने बताया कि वे देश के अलग-अलग राज्यों से जंतर मंतर पहुंचे युवा प्रदर्शनकारियों से मिले हैं. उनके मुताबिक ये छात्र हजारों युवाओं की आवाज बनकर सामने आए हैं, जिन्होंने संविधान और शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया. राहुल ने जोर देकर कहा कि इन छात्रों की तरफ से किसी तरह की हिंसा नहीं हुई, फिर भी उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब किसी नागरिक के साथ नाइंसाफी होती है तो उसका साथ देना हर भारतीय का फर्ज है और यही असली राष्ट्रवाद है. राहुल ने छात्रों से कहा कि उन्हें किसी से माफी मांगने की जरूरत नहीं, क्योंकि उन्होंने संविधान और भारत के विचार की ही रक्षा की है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन युवाओं ने कुछ भी गलत नहीं किया है.
रिया अहीर: शिकायत के बावजूद अब तक FIR नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रिया अहीर ने खुद को उसी लड़की के रूप में पेश किया, जिसने मुंबई में पुलिस की एक वैन को रोककर 20 बच्चों को गैरकानूनी हिरासत में जाने से बचाया था. उनका कहना था कि इस घटना के बाद से उनके बारे में तरह-तरह की बातें फैलाई जा रही हैं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है, जिसे वे अपराध मानती हैं. रिया के मुताबिक उन्होंने 27 जुलाई को ही पुलिस के पास इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन 5 अगस्त तक भी उस पर कोई FIR दर्ज नहीं हुई. इसके बावजूद उन्होंने राहत जताई कि जिन बच्चों के लिए वे खड़ी हुई थीं, आज वही बच्चे उनके साथ खड़े हैं.
नूतन टोपू: पीछे से पैलेट गन दागे जाने का दावा
झारखंड से आई नूतन टोपू ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें पीछे से पैलेट गन का निशाना बनाया गया. उनके अनुसार, उन्होंने खुद देखा था कि प्रदर्शनकारियों की तरफ पैलेट गन तानी गई है, और जैसे ही वे पीछे मुड़ीं, गन से फायर कर दिया गया, जिससे उन्हें चोट आई. इसके बावजूद नूतन ने साफ किया कि आगे भी जब कभी अन्याय के खिलाफ लड़ने का मौका मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगी.
फरहा नाज़: हिरासत में देशद्रोही कहे जाने का आरोप
उत्तर प्रदेश की फरहा नाज़ ने बताया कि 20 जुलाई को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट की. फरहा का आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद पहले उनका नाम पूछा गया, और फिर कहा गया कि इनकी अलग सूची बनाई जाएगी क्योंकि ये देशद्रोही हैं. फरहा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई कुछ भी सोचे, वे देश और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जारी रखेंगी.
भरत बनाईथ: घायल साथियों को एंबुलेंस तक पहुंचाने का दावा
नागपुर से आए भरत बनाईथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. उन्होंने बताया कि वे खुद कई घायल साथियों को एंबुलेंस तक ले गए, लेकिन रास्ते में भी उन्हें रोकने की कोशिश हुई. भरत के मुताबिक कई छात्रों के सिर, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं. उन्होंने आरोप लगाया, "हमने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा, तो हमारे साथ इतनी बर्बरता की गई, अगर अमित शाह का इस्तीफा मांग लिया होता, तो शायद गोली मार दी जाती."
मुस्कान शर्मा: लाठीचार्ज पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मुस्कान शर्मा ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल हुई थीं, फिर भी पुलिस ने उन पर लाठी चलाई. उन्होंने सवाल उठाया कि जब वे शांति से चल रही थीं तो उन्हें पीटा क्यों गया. मुस्कान के मुताबिक नियम है कि कोई पुरुष अधिकारी किसी लड़की पर हाथ नहीं उठा सकता, फिर एक पुरुष आरएएफ अधिकारी ने उन पर लाठी कैसे चला दी और उनके पीछे लाठी घुसाने की कोशिश क्यों की. उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी ने भी ऐसा करने का आदेश दिया था, अगर वह माफी मांग ले तो उन्हें खुशी होगी.
राहुल गांधी की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर छात्रों की आपबीती को सार्वजनिक मंच दिया. रिया अहीर, नूतन टोपू, फरहा नाज़, भरत बनाईथ और मुस्कान शर्मा, पांचों ने अलग-अलग राज्यों से आकर लगभग एक जैसी शिकायत दोहराई कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया, फिर भी उन्हें मारपीट, धमकी और गैरकानूनी हिरासत का सामना करना पड़ा.



















