उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी सिर्फ चुनावी रणनीति पर ही नहीं, बल्कि बूथ से लेकर मंडल और सेक्टर तक हर इकाई को नए सिरे से खड़ा करने पर जोर दे रही है। 11 जुलाई को हुई प्रदेश पदाधिकारियों की पहली बैठक में इसी दिशा में बड़ा फैसला हुआ, जिसमें नेताओं को आठ बड़े कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई। ये सभी कार्यक्रम अब चुनाव तक लगातार चलते रहेंगे।
बूथ सम्मेलन से मिलेगी रफ्तार
पार्टी की तैयारी की पहली सीढ़ी बूथ सम्मेलन होंगे, जो 19 से 22 जुलाई के बीच प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों के पीछे मकसद बिल्कुल साफ है, बूथ स्तर पर संगठन को इतना मजबूत बनाना कि कार्यकर्ता अभी से चुनावी मोड में आ जाएं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहले ही कह चुके हैं कि चुनाव जीतने का रास्ता बूथ से होकर ही निकलता है, यानी जमीनी मोर्चा जितना मजबूत होगा, नतीजे उतने ही भरोसेमंद होंगे।
हर जिले में बदलेगी बूथों की तस्वीर
इस पूरी कवायद में सबसे बड़ा बदलाव बूथों की नई मैपिंग को लेकर होने जा रहा है। पार्टी ने तय किया है कि जिस भी इलाके में 80 से ज्यादा बूथ होंगे, वहां एक नया मंडल बनाया जाएगा। दरअसल एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद कई क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में बदलाव आया है, जिसके चलते बूथों की गिनती और संगठन का पूरा ढांचा भी बदल सकता है। कुछ मंडल ऐसे भी हैं जहां पहले से ही 100 से ज्यादा बूथ मौजूद हैं, वहां भी जिम्मेदारियां नए सिरे से बांटी जाएंगी ताकि कोई भी बूथ बिना कार्यकर्ता या निगरानी के न रह जाए।
मन की बात और सेक्टर संयोजकों पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी अलग से खास तैयारी करने वाली है। इसके लिए जल्द ही सेक्टर संयोजकों का एक सम्मेलन बुलाया जाएगा, हालांकि इसकी तारीख अभी तय नहीं हो पाई है। इस बीच प्रदेश पदाधिकारी अपने दौरों के दौरान सेक्टर संयोजकों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं, ताकि जमीनी स्तर पर तालमेल बना रहे और कोई कड़ी कमजोर न पड़े।
पुराने कार्यकर्ताओं को फिर मैदान में उतारने की तैयारी
चुनाव से पहले बीजेपी अपने पुराने और अनुभवी नेताओं को भी दोबारा सक्रिय करने की योजना बना रही है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बताया कि पूर्व पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुराने कार्यकर्ताओं से संपर्क साधने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। हर जिले में उनसे सीधी मुलाकात होगी और उनके अनुभव तथा सुझावों को संगठन मजबूत करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
बूथ से लेकर मंडल तक पूरी ताकत
बीजेपी का साफ मानना है कि चुनाव जिताने में सबसे बड़ी भूमिका मजबूत संगठन की ही होती है। यही वजह है कि पार्टी बूथ, मंडल, सेक्टर और पुराने कार्यकर्ताओं, इन चारों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव तक संगठन हर स्तर पर पूरी तरह तैयार खड़ा मिले।











