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33 साल के फौजी सिकंदर सिंह का दिल का दौरा पड़ने से निधन, लुधियाना में दी गई अंतिम विदाईपंजाब
11 जुल॰ 2026, 1:37 am (119 दिन पहले)· 3

33 साल के फौजी सिकंदर सिंह का दिल का दौरा पड़ने से निधन, लुधियाना में दी गई अंतिम विदाई

दिल्ली में ड्यूटी के दौरान भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फैंट्री के 33 वर्षीय नायक सिकंदर सिंह को हार्ट अटैक आया, जिससे उनका निधन हो गया। शुक्रवार को लुधियाना के पैतृक गांव गगड़ा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं के पास बसे गगड़ा गांव में शुक्रवार को गमगीन माहौल रहा, जब भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फैंट्री में तैनात 33 वर्षीय नायक सिकंदर सिंह को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। दिल्ली में ड्यूटी के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

पार्थिव शरीर पहुंचते ही टूट पड़ा परिवार

शुक्रवार सुबह सिकंदर सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गगड़ा पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शव गांव पहुंचा, पत्नी, दोनों बेटियां और परिजन बिलख पड़े। गांव के साथ आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। सेना की टुकड़ी ने बंदूकों की सलामी दी और पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। उनके भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी।

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मजदूर परिवार से सेना तक का सफर

सिकंदर सिंह करीब 16 साल पहले एक साधारण मजदूर परिवार से भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। तीन भाइयों में सबसे बड़े होने के नाते उन्होंने कम उम्र से ही घर की जिम्मेदारियां संभाल ली थीं। करीब 5 साल पहले उनका विवाह हुआ था। सेना में अपनी मेहनत और अनुशासन की वजह से उन्होंने अच्छी पहचान बनाई थी। वह अपने पीछे पत्नी रमनजीत कौर के साथ ढाई साल और आठ महीने की दो छोटी बेटियां छोड़ गए हैं।

पत्नी रमनजीत कौर का दर्द भरा बयान

पत्नी रमनजीत कौर ने बताया कि निधन से चार दिन पहले पति से उनकी आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। उस कॉल में सिकंदर सिंह ने बताया था कि उनके सीने में बहुत तेज दर्द हो रहा है और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहे। इसके बाद हालत इतनी बिगड़ी कि वह अपनी दोनों बेटियों से भी बात नहीं कर सके। रमनजीत कौर ने यह भी बताया कि शादी के बाद सिकंदर सिंह ने ही उन्हें प्रेरित कर एमए और बीएड तक पढ़ाया और हमेशा आगे बढ़ने के लिए हौसला दिया। पति को खोने के बाद रमनजीत कौर ने सरकार से अपील की कि उनकी दोनों बेटियों के भविष्य की सुरक्षा और आर्थिक सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

यूनिट के साथियों ने दी श्रद्धांजलि

शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अंतिम संस्कार पूरा हुआ, जिसके बाद पूरा इलाका शोक में डूब गया। कैप्टन पूर्ण सिंह और हवलदार अमरपाल सिंह भी मौके पर पहुंचे और सिकंदर सिंह को श्रद्धांजलि दी। साथी सैनिकों में भी उनके निधन की खबर से मायूसी है, क्योंकि यूनिट में वह एक मेहनती और अनुशासित जवान के तौर पर जाने जाते थे।

यूनिट कमांडर बोले, असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी

5 सिख रेजिमेंट के सूबेदार गुरमीत सिंह ने बताया कि लांस नायक सिकंदर सिंह उनकी यूनिट का हिस्सा थे, लेकिन घटना के समय वह यूनिट से अलग किसी अन्य जगह ड्यूटी पर तैनात थे। उन्होंने कहा कि सिकंदर सिंह की बीमारी के बारे में यूनिट को कोई जानकारी नहीं थी। यह भी साफ नहीं हो पाया कि निधन से पहले उन्होंने घर पर इस बारे में कोई बात की थी या नहीं। सूबेदार गुरमीत सिंह के मुताबिक तैनाती वाली जगह पर भी उन्होंने अपनी तबीयत को लेकर किसी से कुछ साझा नहीं किया था। फिलहाल यही माना जा रहा है कि हार्ट अटैक ही मौत की वजह है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण की पुष्टि हो सकेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सिकंदर सिंह के परिवार को यूनिट की तरफ से हर जरूरी मदद हमेशा मिलती रहेगी और अन्य शहीद परिवारों की तरह उनकी हर समस्या को भी गंभीरता से सुना जाएगा।

सवाल-जवाब

सिकंदर सिंह कौन थे और वह कहां तैनात थे?
वह भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फैंट्री में नायक थे और दिल्ली में ड्यूटी पर तैनात थे।
उनकी मौत कैसे हुई?
दिल्ली में ड्यूटी के दौरान उन्हें दिल का दौरा (हार्ट अटैक) आया, जिससे उनका निधन हो गया।
अंतिम संस्कार कहां और कब हुआ?
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे उनके पैतृक गांव गगड़ा (जगराओं के पास, लुधियाना) में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
सिकंदर सिंह अपने पीछे परिवार में किसे छोड़ गए हैं?
वह पत्नी रमनजीत कौर और ढाई साल व आठ महीने की दो बेटियों को छोड़ गए हैं।
मौत का असली कारण अब तक स्पष्ट क्यों नहीं है?
सूबेदार गुरमीत सिंह के मुताबिक फिलहाल हार्ट अटैक को वजह माना जा रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण साफ होगा।
सिकंदर सिंह की पत्नी ने सरकार से क्या अपील की?
रमनजीत कौर ने अपनी दोनों बेटियों के भविष्य की सुरक्षा और आर्थिक सहयोग सुनिश्चित करने की अपील की।
यूनिट की तरफ से परिवार को क्या भरोसा दिया गया?
सूबेदार गुरमीत सिंह ने कहा कि परिवार को हर जरूरी मदद मिलती रहेगी और उनकी हर समस्या को सुना जाएगा।
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