चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 में शनिवार शाम एक पुरानी दो मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के वक्त इमारत के अंदर करीब 6 लोग मौजूद थे, जिनमें से चार को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है। इन चारों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि दो लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं और उन्हें बचाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
घटनास्थल पर मौजूद टीमें और हालात
हादसे की खबर मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर डटे हैं। यह हादसा इंडस्ट्रियल एरिया में होटल द फर्न के करीब हुआ, जहां इमारत का मलबा हटाने के लिए भारी मशीनें लगाई गई हैं। प्रशासन ने पूरे इलाके की घेराबंदी भी कर दी है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
बारिश से कमजोर हुआ ढांचा?
शुरुआती अनुमान के मुताबिक, लगातार बारिश की वजह से इमारत की छत और पुराने ढांचे में नमी घर कर गई थी, जिससे वह कमजोर पड़ गया और आखिरकार भरभराकर नीचे आ गिरा। पुलिस के मुताबिक, यह इमारत इंडस्ट्रियल एरिया के प्लॉट नंबर 28/9 पर बनी थी और यहां कबाड़ से जुड़ा काम चलता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत की जर्जर हालत ही छत गिरने की मुख्य वजह बनी।
सेकंडों में जमींदोज हुई पूरी इमारत
घटना के गवाहों ने बताया कि जिस वक्त इमारत गिरी, उसका एहसास किसी भूकंप जैसा था। देखते ही देखते पूरी इमारत चंद सेकंडों में जमींदोज हो गई, जिससे आसपास अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हादसे के वक्त इमारत के भीतर मजदूर और इमारत के मालिक दोनों मौजूद थे। बचाव दल मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए जेसीबी मशीनों समेत कई उपकरणों का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि हादसे के वक्त इमारत के अंदर ठीक कितने लोग मौजूद थे।
पुलिस अधिकारी ने दी जानकारी
सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (साउथ) गुरजीत कौर ने बताया कि बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है और मलबे में फंसे दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि इमारत गिरते ही पुलिस, एनडीआरएफ, दमकल की गाड़ियां और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। प्रशासन ने राहत कार्य के लिए भारी मशीनें भी भेजी हैं ताकि मलबा जल्द से जल्द हटाया जा सके और बचे हुए दोनों लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।













