राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित नसीराबाद क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दिलवाड़ा बाईपास के समीप महेश विहार कॉलोनी में दिनदहाड़े लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। एक कारोबारी के आवास पर काली स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर पहुंचे करीब छह बदमाशों ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताया। जांच के बहाने मकान में दाखिल हुए इन लोगों ने घर में मौजूद महिलाओं और कारोबारी के पुत्र को झांसे में ले लिया और लॉकर में रखे कीमती सोने के जेवरात व मोबाइल फोन समेटकर फरार हो गए।
सफेद लिबास और हाथों में फाइलें लेकर पहुंचे थे आरोपी
वारदात को अंजाम देने का तरीका बेहद शातिराना था। कॉलोनी में काली स्कॉर्पियो आकर रुकी, जिसमें से करीब आधा दर्जन युवक बाहर निकले। इन सभी युवकों ने सफेद रंग के कपड़े पहन रखे थे और हाथों में आधिकारिक दिखने वाली फाइलें थामी हुई थीं। गिरोह के एक सदस्य ने हाथों में सफेद दस्ताने भी पहन रखे थे। उनके इस औपचारिक पहनावे और सरकारी शैली के कागजात देखकर परिवार के सदस्यों को शुरू में जरा भी अंदेशा नहीं हुआ कि वे जालसाज हो सकते हैं। अंदर घुसते ही उन्होंने दावा किया कि वे इनकम टैक्स विभाग से आए हैं और मकान की तलाशी लेनी है। इसके बाद उन्होंने बातचीत में उलझाकर परिवार को पूरी तरह भ्रमित कर दिया।
13 मिनट के भीतर लॉकर खंगालकर ले उड़े सोने के आभूषण
घर में दाखिल होने के बाद बदमाशों ने तेजी से कमरों की तलाशी का नाटक शुरू किया और सीधे अलमारी के लॉकर तक पहुंच गए। वे करीब 12 से 13 मिनट तक घर के अंदर मौजूद रहे और इसी दौरान उन्होंने लॉकर में रखे सोने के जेवरात अपने कब्जे में ले लिए। प्रारंभिक ब्योरे के अनुसार आरोपी चार जोड़ी सोने की चूड़ियां, एक जोड़ी पाटले और एक सोने का हार समेट ले गए। इसके साथ ही उन्होंने घर में रखे तीन मोबाइल फोन भी उठा लिए। हालांकि भागते समय आरोपियों ने एक मोबाइल फोन वापस फेंक दिया था, जबकि दो फोन वे अपने साथ ले जाने में सफल रहे।
रसीद मांगने पर स्कॉर्पियो का दरवाजा बंद कर भागे बदमाश
जब आरोपी जेवरात और मोबाइल लेकर बाहर निकलने लगे, तो कारोबारी के बेटे कार्तिक को उनकी कार्यशैली पर संदेह हुआ। कार्तिक ने तुरंत उन्हें रोकते हुए जब्ती की आधिकारिक रसीद मांगी। सरकारी नियमों के तहत जब्ती की सूची और रसीद देने की मांग सुनते ही आरोपियों के होश उड़ गए। उन्होंने कोई जवाब देने के बजाय अपनी काली स्कॉर्पियो की तरफ दौड़ लगा दी। कार्तिक ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी तुरंत गाड़ी के अंदर बैठे, दरवाजा बंद किया और तेज रफ्तार में मौके से फरार हो गए।
पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी फुटेज, कॉलोनी में दहशत
दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज डकैती की खबर मिलते ही नसीराबाद सदर थाना प्रभारी राधेश्याम चौधरी पुलिस जाप्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और लूटे गए सामान की सूची तैयार की। पुलिस की टीमें अब दिलवाड़ा बाईपास, महेश विहार कॉलोनी और आसपास के मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। जांच अधिकारी काली स्कॉर्पियो के नंबर और उस मार्ग की शिनाख्त करने में जुटे हैं जिससे आरोपी आए थे और वारदात के बाद जिस दिशा में भागे। दिन के उजाले में खुद को सरकारी अफसर बताकर की गई इस वारदात से पूरी कॉलोनी के निवासियों में डर का माहौल बना हुआ है।



















