बारिश का पानी भरते ही जानलेवा बन जाता है जोधपुर से जालोर का यह हाईवे, गड्ढों ने छीना चैनराजस्थान
2 घंटे पहले· 3

बारिश का पानी भरते ही जानलेवा बन जाता है जोधपुर से जालोर का यह हाईवे, गड्ढों ने छीना चैन

पाली जिले से गुजरने वाला जोधपुर-रोहट-जालोर हाईवे मानसून में पानी भरे गड्ढों की वजह से हादसों का हॉटस्पॉट बन गया है, वहीं टूटी सड़क पर टोल वसूली को लेकर लोगों के विरोध के बाद प्रशासन को पहले ही दो टोल प्लाजा बंद करने पड़े थे।

राजस्थान के पाली जिले से गुजरने वाला जोधपुर-रोहट-जालोर हाईवे मानसून के इस मौसम में वाहन चालकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रह गया है। जोधपुर से रोहट होते हुए जालोर तक जाने वाला यह अहम मार्ग जगह-जगह इतने गहरे गड्ढों से पटा पड़ा है कि इसे लोग अब खुलेआम 'डेथ जोन' कहने लगे हैं। बरसात शुरू होते ही इस सड़क पर सफर करना सीधे-सीधे जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।

पानी भरते ही गायब हो जाता है गड्ढों का अंदाजा

इस रास्ते से रोज गुजरने वाले स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि सामान्य मौसम में तो चालक किसी तरह गड्ढों को देखकर बचते हुए निकल जाते हैं, लेकिन असली दिक्कत बारिश शुरू होते ही खड़ी हो जाती है। पानी भरते ही ये गहरे गड्ढे नजर से पूरी तरह ओझल हो जाते हैं और चालकों को उनकी गहराई का कोई अंदाजा नहीं लग पाता। तेज रफ्तार से आ रही गाड़ियां अचानक इन छिपे गड्ढों में उतर जाती हैं और उनका संतुलन बिगड़ जाता है। नतीजा यह है कि इस रास्ते पर मोटरसाइकिल सवार आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं, तो कई बड़े वाहन पलटकर गंभीर हादसों का शिकार बन रहे हैं। गड्ढों की मार इतनी गहरी है कि गाड़ियों के पुर्जे तक ढीले पड़ जाते हैं और लंबे सफर में रीढ़ की हड्डी पर भी असर पड़ने लगता है।

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ड्रेनेज सिस्टम फेल, पानी के तेज बहाव में बहने का डर

इस हाईवे की बदहाली सिर्फ गड्ढों तक सीमित नहीं है। यहां की जल निकासी व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा चुकी है। रास्ते में ऐसे कई खतरनाक प्वाइंट हैं जहां ड्रेनेज का कोई इंतजाम नहीं है, जिसकी वजह से बारिश का पूरा पानी सीधे सड़क के ऊपर से तेज बहाव के साथ गुजरता है। मानसून के दौरान जब यह बहाव अपने पूरे उफान पर होता है, तो रास्ता पार करने की कोशिश में कई गाड़ियां बहने के कगार तक पहुंच जाती हैं। इससे पहले भी इसी तरह पानी के तेज बहाव में वाहनों के बहने की डरावनी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक न तो इन खतरनाक जगहों पर बैरिकेडिंग करवाई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया है, जिससे राहगीरों को समय रहते सतर्क किया जा सके।

टूटी सड़क पर टोल वसूली से भड़की जनता, बंद करवाए दो प्लाजा

प्रशासनिक लापरवाही का एक और नमूना इसी हाईवे पर देखने को मिला। सड़क की इतनी खराब हालत के बावजूद इस मार्ग पर पहले दो-दो टोल प्लाजा चलाए जा रहे थे और लगातार टोल वसूला जा रहा था। इससे नाराज स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। जनता के भारी विरोध के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा और दोनों टोल प्लाजा बंद करने पड़े। मगर हालत यह है कि आज भी टोल गेट के ढांचे उसी जगह खंडहर की तरह खड़े नजर आते हैं, जबकि सड़क को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी किसी भी संबंधित विभाग ने अब तक नहीं उठाई है।

आने वाले दिनों में और गहरा सकता है संकट

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में मानसून और सक्रिय होने वाला है, यानी लगातार तेज बारिश के बीच यह पूरी सड़क पूरी तरह पानी में डूब सकती है। बिना किसी मरम्मत के इस हाईवे पर सफर करना किसी बड़े हादसे को खुला न्योता देने जैसा है। इलाके के लोगों का सीधा सवाल है कि जब क्षेत्र के विकास और सड़कों के लिए हर साल भारी-भरकम बजट जारी होता है, तो फिर इस अहम मार्ग का निर्माण कार्य आखिर कहां अटका हुआ है। स्थानीय निवासी पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी बड़ी जनहानि के होने का इंतजार करते हुए हाथ पर हाथ धरे बैठा रहेगा।

सवाल-जवाब

यह हाईवे कहां से कहां तक जाता है?
जोधपुर से रोहट होते हुए जालोर तक जाने वाला यह मार्ग राजस्थान के पाली जिले से गुजरता है।
इस सड़क को 'डेथ जोन' क्यों कहा जा रहा है?
जगह-जगह मौजूद गहरे और खतरनाक गड्ढों तथा मानसून में उनमें पानी भर जाने से हादसों का खतरा बहुत बढ़ गया है, इसलिए स्थानीय लोग इसे डेथ जोन कह रहे हैं।
बारिश में यह सड़क ज्यादा खतरनाक क्यों हो जाती है?
पानी भरने से गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती और कई जगह ड्रेनेज न होने से पानी तेज बहाव के साथ सड़क पर बहता है, जिससे वाहन असंतुलित हो सकते हैं या बह भी सकते हैं।
टोल प्लाजा को लेकर विवाद क्या था?
टूटी सड़क पर भी लगातार टोल वसूला जा रहा था, जिससे नाराज लोगों के उग्र विरोध के बाद प्रशासन को दोनों टोल प्लाजा बंद करने पड़े।
अभी सड़क की मरम्मत को लेकर क्या स्थिति है?
विरोध के चलते टोल प्लाजा तो बंद कर दिए गए, लेकिन सड़क की मरम्मत का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है और टोल गेट के ढांचे खंडहर की तरह खड़े हैं।
आगे और क्या खतरा बना हुआ है?
मौसम विभाग के अनुसार मानसून आने वाले दिनों में और सक्रिय होगा, जिससे यह सड़क पूरी तरह पानी में डूब सकती है और बड़े हादसे की आशंका और बढ़ सकती है।

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