बिहार के अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक बेहद दुखद हादसा हो गया। सिरसिया हनुमानगंज वार्ड संख्या 14 के पास धान की रोपाई के लिए खेतों की तरफ जा रहीं महिला मजदूरों से भरी ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पानी से भरे एक गड्ढे में जा पलटी। ग्रामीण इलाकों में खेती के मौसम में मजदूरों को खेत तक पहुंचाने के लिए अक्सर ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल किया जाता है, और मंगलवार की यह वारदात भी उसी दौरान पेश आई। हादसे में ट्रॉली पर सवार तीन महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से ज्यादा मजदूर घायल हो गए।
ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा, पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी
पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक ट्रैक्टर का ब्रेक अचानक फेल हो गया, जिसके चलते चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। भारी भरकम ट्रॉली संभल नहीं पाई और रास्ते में मौजूद पानी से भरे गड्ढे की तरफ मुड़कर पूरी तरह पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही भरगामा थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए और घटनास्थल का मुआयना करते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी।
ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर मजदूरों को बाहर निकाला
गड्ढे में ट्रॉली के पलटते ही उस पर सवार तमाम महिला मजदूर उसके नीचे दब गईं। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी तादाद में लोग मौके पर जमा हो गए और राहत-बचाव के काम में जुट गए। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने ट्रॉली के नीचे दबी महिलाओं को बाहर निकाला और तुरंत भरगामा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। इनमें से दो महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिन मजदूरों की हालत गंभीर थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जबकि बाकी घायल मजदूरों का इलाज भरगामा पीएचसी और अररिया सदर अस्पताल में चल रहा है।
तीनों मृत महिला मजदूरों की पहचान हुई
मृतकों में सिरसियाकला वार्ड संख्या 4 की रहने वाली बबलू मंडल की पत्नी मीरा देवी, कारी मंडल की पत्नी नैया देवी और किशोर मंडल की पत्नी रंजू देवी शामिल हैं। तीनों महिलाएं बाकी मजदूरों के साथ धान की रोपाई के लिए इसी ट्रैक्टर-ट्रॉली से खेत जा रही थीं, तभी यह हादसा हो गया और तीनों की जान चली गई।
एसडीपीओ और डीएसपी ने की हादसे की पुष्टि, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
घटना की जानकारी मिलते ही फारबिसगंज एसडीपीओ राजकिशोर प्रसाद भी भरगामा थानाध्यक्ष और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। एसडीपीओ राजकिशोर प्रसाद ने तीन महिला मजदूरों की मौत और एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की। वहीं अररिया ट्रैफिक डीएसपी तरुण कुमार पांडे ने भी हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुछ महीने पहले नवादा में भी हो चुका है ऐसा ही हादसा
गौरतलब है कि इससे पहले बिहार के नवादा जिले में भी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर सीधा एक घर में जा घुसा था। हालांकि उस हादसे में मौजूद लोग बाल-बाल बच गए थे और कोई जनहानि नहीं हुई थी। इस तरह की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉली के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती हैं।











