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भरतपुर हत्याकांड: अतर सिंह भड़ाना को जिंदा जलाने की थी साजिश, पोस्टमार्टम में सामने आई शरीर पर 40 से ज्यादा चोटों की बातराजस्थान
13 अक्तू॰ 2026, 10:35 am (42 मिनट पहले)· 0

भरतपुर हत्याकांड: अतर सिंह भड़ाना को जिंदा जलाने की थी साजिश, पोस्टमार्टम में सामने आई शरीर पर 40 से ज्यादा चोटों की बात

राजस्थान के भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों की मंशा उन्हें जिंदा जलाने की थी और पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर 40 से अधिक चोटों के निशान मिले हैं।

राजस्थान के भरतपुर जिले में हुई पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे वारदात की क्रूरता और साजिशन उठाए गए कदमों के भयावह पहलू उजागर हो रहे हैं। पुलिस की शुरुआती छानबीन में यह बात सामने आई है कि हमलावरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ प्रहार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

इस खौफनाक वारदात के दौरान की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर 40 से ज्यादा गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। हमलावरों ने बेरहमी से उनके हाथ और पैर की हड्डियां तोड़ दी थीं, जबकि सिर पर किए गए घातक प्रहार को उनकी मौत की मुख्य वजह बताया गया है। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि अपराधियों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी, बल्कि वे अतर सिंह भड़ाना और वहां मौजूद कर्मचारियों को जिंदा आग के हवाले करना चाहते थे।

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अंधेरा कर किया गया था हमला

घटना की रात करीब सात बजे का समय था जब खनन क्षेत्र में सब कुछ सामान्य चल रहा था। सुरक्षा गार्ड गगन शर्मा के अनुसार, उस वक्त सभी लोग खाना खाने की तैयारी में थे और अतर सिंह भड़ाना बाहर टहल रहे थे। अचानक कुछ लोग पहाड़ी के रास्ते वहां पहुंचे और बिजली की लाइन काट दी, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा और अंधेरा छा गया। इसके तुरंत बाद लाठी-डंडों से लैस होकर आए लोगों ने हमला बोल दिया और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। किसी ने पीछे से उनके सिर पर भारी वस्तु से वार किया जिससे वे तुरंत अचेत होकर गिर पड़े। सुरक्षा गार्ड गगन शर्मा खुद इस हमले में घायल हुए हैं और वर्तमान में अस्पताल में চিকিৎসारत हैं।

यह पूरा खूनी संघर्ष वैर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भोड़ा गांव की एक खनन साइट पर हुआ। पत्नी कमलेश के बयानों के मुताबिक, रविवार की शाम वे अपने पति के साथ उसी खनन क्षेत्र में बने आवास पर मौजूद थीं। अचानक करीब 80 लोग हाथों में हथियार और डंडे लेकर वहां आ धमके। उन्होंने आते ही अतर सिंह भड़ाना को दबोच लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। उनके सिर से खून बहने लगा और हमलावरों ने तब तक मारना जारी रखा जब तक वे पूरी तरह बेसूध नहीं हो गए। बीच-बचव में आए खान कर्मचारी गगन, पूनम सिंह, प्रदीप और सुरक्षा गार्ड को भी नहीं बख्शा गया। इसके बाद कार्यालय तथा कमरों में आग लगा दी गई और वहां रखी थ्रेसर मशीनों में भी भारी तोड़फोड़ की गई। आगजनी की इस घटना को लेकर परिजनों का कहना है कि हमलावर उन्हें पूरी तरह जलाकर खत्म करना चाहते थे।

पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया

राजधानी जयपुर में मेडिकल बोर्ड की देखरेख में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस चिकित्सकीय परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि शरीर पर 40 से अधिक जख्मों के निशान मौजूद थे। उनके दाएं पैर और दोनों हाथों की हड्डियां बुरी तरह टूट चुकी थीं। सिर पर लगा गहरा घाव ही प्राणघातक साबित हुआ। शुरुआत में गोली चलने की आशंका भी जताई जा रही थी, लेकिन एक्स-रे और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया और हरियाणा स्थित उनके पैतृक गांव पाली में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

इस दर्दनाक हत्याकांड के पीछे एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि वारदात से लगभग 14 दिन पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। ऐसा दावा किया जा रहा है कि उन्हें चेतावनी दी गई थी कि यदि वे दोबारा खान की तरफ आए तो अंजाम बुरा होगा। घटना से पहले से ही खनन क्षेत्र को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ था। अतर सिंह भड़ाना इस खनन पट्टे में कमलेश चंद और मुकेश चंद के साथ साझेदार के रूप में जुड़े हुए थे। इस पूरे विवाद के केंद्र में जमीन और खनन से जुड़ा पुराना झगड़ा माना जा रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2016 से 2024 के बीच भूमि विवाद को लेकर कई मुकदमे भी दर्ज किए गए थे। हालांकि, पुरानी धमकियों और इस हत्या के बीच के वास्तविक संबंध की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।

94 से अधिक लोगों पर केस और निष्पक्ष जांच की मांग

भरतपुर के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पत्नी की औपचारिक शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई जगह दबिश दी जा रही है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही कई नामजद लोग गांव छोड़कर फरार हो चुके हैं। इस मामले में कुल 94 से अधिक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस जमीन के विवाद, पुरानी धमकियों और आगजनी की घटनाओं समेत तमाम बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल कर रही है। दूसरी ओर, पीड़ित परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने की पुरजोर मांग उठाई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और मौके पर पहुंचने में हुई कथित देरी को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अब जांच पूरी होने पर ही यह साफ हो पाएगा कि इस खूनी खेल की साजिश किसने रची थी और इसमें शामिल हर एक शख्स की क्या भूमिका रही थी।

सवाल-जवाब

अतर सिंह भड़ाना कौन थे?
अतर सिंह भड़ाना राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना से पूर्व विधायक थे।
यह घटना कहाँ और कब हुई?
यह घटना राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भोड़ा गांव स्थित खनन साइट पर रविवार शाम करीब सात बजे हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
जयपुर में कराए गए पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर 40 से अधिक चोटों के निशान और हाथ-पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई।
इस मामले में कितने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है?
इस मामले में 94 से अधिक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
वारदात की संभावित वजह क्या बताई जा रही है?
पुलिस इस मामले की जांच जमीन और खनन पट्टे से जुड़े पुराने विवाद को ध्यान में रखकर कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 मिनट पहले

अस्सी-नब्बे लोगों का एक साथ हमला करके बिजली काट देना किसी एक आदमी का काम नहीं लगता। बात कुछ और ही है जो शायद अभी पूरी तरह सामने नहीं आई है।

Rohan Verma@rohan-verma·2 मिनट पहले

करण भाई, सही कह रहे हो। 80-90 लोगों का यूं अचानक हमला करना और बिजली काट देना साफ दिखाता है कि ये सिर्फ आपसी रंजिश नहीं, बल्कि गहरी साजिश है।

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