राजस्थान के बीकानेर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाना गांव में एक बेटे ने अपनी ही वृद्ध मां की जान ले ली। यह दुखद घटना तब घटित हुई जब 78 वर्ष की बुजुर्ग महिला अपने घर में सो रही थी। सोते समय उन पर लाठियों से प्राणघातक हमला किया गया, जिसके कारण गंभीर चोटें आने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दिल दहलने वाली वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
आरोपी बेटा पुलिस की गिरफ्त में
जैसे ही इस गंभीर अपराध की सूचना पुलिस को मिली, श्रीडूंगरगढ़ थाने की पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई। पुलिस अधिकारियों ने बिना कोई समय गंवाए घटनास्थल का रुख किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुत्र रामनिवास को अपनी हिरासत में ले लिया। परिवार के सदस्यों और गांव के अन्य लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी रामनिवास पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रसित चल रहा है। वह अपनी इस मानसिक अस्थिरता के लिए एक विशेष मानसिक अस्पताल से नियमित उपचार भी प्राप्त कर रहा था। पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि आखिरकार ऐसा क्या हुआ जिसने अचानक उसे इतना हिंसक और उग्र बना दिया कि उसने अपनी जन्म देने वाली मां पर ही हमला कर दिया।
मृतका के दूसरे पुत्र की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
इस जघन्य हत्याकांड के बाद मृतका गीता देवी के दूसरे बेटे ओमप्रकाश ने न्याय के लिए कानून का दरवाजा खटखटाया है। ओमप्रकाश ने श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अपने सगे भाई रामनिवास को अपनी मां की हत्या का आरोपी बनाया है। पुलिस ने इस लिखित शिकायत पत्र को आधार बनाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईपीसी की उचित और प्रासंगिक धाराओं के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।
वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए
मामले की संवेदनशीलता और अपराध की प्रकृति को देखते हुए जांच दल ने वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने पर विशेष ध्यान दिया है। बीकानेर से FSL और MOU की विशेषज्ञ टीमों को तत्काल घटनास्थल पर बुलाया गया। इन टीमों ने अपराध स्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने घटनास्थल से खून से सनी हुई लाठी, आरोपी के उंगलियों के निशान और अन्य कई महत्वपूर्ण भौतिक व वैज्ञानिक साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं, जो न्यायालय में इस मामले को साबित करने में मददगार होंगे।
दूसरी तरफ, मृतका गीता देवी के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए श्रीडूंगरगढ़ के स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया। वहां डॉक्टरों के एक अधिकृत मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार की रस्मों के लिए शोकाकुल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस हिरासत में मौजूद रामनिवास से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की असल वजहों का पता लगाया जा सके।











