राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से गुजरने वाली इंदिरा गांधी नहर के पानी से एक अत्यंत दुखद घटनाक्रम सामने आया है. पड़ोसी राज्य हरियाणा के ऐलनाबाद कस्बे से बीते तीन दिनों से गायब चल रहे एक ही परिवार के सदस्यों की खोजबीन के बीच दो शव पानी से बरामद किए गए हैं. मृतकों में भरत सहारण और उनकी युवा बेटी लता शामिल हैं. हालांकि, परिवार की तीसरी सदस्य यानी भरत की पत्नी मंजू का अब तक कोई पता नहीं लग सका है. इस दर्दनाक वाकये की खबर फैलते ही सीमावर्ती इलाके में शोक और सनसनी का माहौल बन गया है.
डबली पुल के निकट पानी में उतराए मिले शव
ऐलनाबाद निवासी भरत सहारण, उनकी पत्नी मंजू और पुत्री लता अचानक लापता हो गए थे. परिजनों और जान-पहचान वालों की तरफ से खोजबीन के बावजूद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तब उनके इंदिरा गांधी नहर की जलधारा में समा जाने का अंदेशा गहराने लगा. इसके बाद हनुमानगढ़ जिले के दायरे में नहर के प्रवाह क्षेत्र में व्यवस्थित तलाशी अभियान शुरू किया गया. तलवाड़ा थाना पुलिस ने हालात की नजाकत को देखते हुए स्थानीय गोताखोरों को पानी में उतारा. तलाशी के दौरान गोताखोरों की टीम ने डबली पुल के पास नहर से पहले भरत सहारण और फिर उनकी बेटी लता के पार्थिव शरीर बाहर निकाले. दो शव बरामद होने के बाद लापता महिला की खोज को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रख दिया गया.
अंधेरे के चलते रुकी खोज, अगले दिन फिर अभियान
तलवाड़ा थानाधिकारी राजपाल सिंह ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि परिवार के तीनों लोगों के नहर में गिरने के संदेह पर ही यह व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था. गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद डबली पुल के आसपास से पिता और पुत्री के शव तो निकाल लिए, लेकिन मंजू के बारे में कोई संकेत नहीं मिल सका. देर शाम अंधेरा घिर आने और दृश्यता समाप्त होने के कारण गोताखोरों का अभियान बीच में ही रोकना पड़ा. थानाधिकारी के मुताबिक, रोशनी होते ही अगले दिन सुबह नए सिरे से नहर के अलग-अलग बहाव वाले हिस्सों में गोताखोरों की मदद से महिला की तलाश का काम दोबारा शुरू किया जाएगा.
दुर्घटना या उठाया गया आत्मघाती कदम, पड़ताल में जुटी पुलिस
शुरुआती सूचनाओं के आधार पर यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि तीनों लोग मोटरसाइकिल सहित नहर के तेज बहाव में गिरे हो सकते हैं. हालांकि, यह घटना किन विशेष परिस्थितियों के तहत घटित हुई, इस रहस्य से पर्दा उठना अभी बाकी है. जांच एजेंसियां इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि क्या यह किसी अनियंत्रित स्थिति में हुआ कोई भीषण सड़क हादसा था अथवा परिवार ने किसी पारिवारिक या मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस समय सबसे बड़ी चुनौती लापता मंजू का पता लगाना है. महिला के बरामद होने और तकनीकी व फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए जाने के बाद ही इस पूरे त्रासदी भरे मामले की असल वजह सामने आ सकेगी.
















