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जयपुर में बदमाशों पर पुलिस और एजीटीएफ का बड़ा धावा, 20 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारीराजस्थान
9 जुल॰ 2026, 11:56 am (45 दिन पहले)· 2

जयपुर में बदमाशों पर पुलिस और एजीटीएफ का बड़ा धावा, 20 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी

जयपुर में संगठित अपराध पर प्रहार करते हुए एटीएस, एजीटीएफ और स्थानीय पुलिस ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी है। इस बड़े सर्च ऑपरेशन का उद्देश्य गैंगस्टर्स और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार की सुबह कानून-व्यवस्था की दृष्टि से बेहद हलचल भरी रही। संगठित अपराध के पनपते जाल को तोड़ने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक और समन्वित अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस), एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और जयपुर पुलिस के जवानों ने एक साथ मोर्चा संभाला। शहर के कुल 20 से अधिक चिह्नित स्थानों पर पुलिस टीमों ने एक साथ दस्तक दी, जिससे आपराधिक तत्वों और उनके सहयोगियों के बीच हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई।

ऑपरेशन के पीछे की ठोस रणनीति

पुलिस और विभिन्न खुफिया एजेंसियों के पास संगठित अपराधों को लेकर काफी समय से महत्वपूर्ण इनपुट जमा हो रहे थे। इन सूचनाओं में अपराधियों के सक्रिय होने, उनके नए नेटवर्क के विस्तार और उनके गुप्त ठिकानों का विवरण शामिल था। इसी गुप्त जानकारी के आधार पर एक सूची तैयार की गई और छापेमारी के लिए विशेष रणनीति बनाई गई। तड़के हुई इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस की कई टीमें अलग-अलग दिशाओं में रवाना हुईं और अपराधियों से जुड़े संभावित ठिकानों को घेरकर उनकी गहन तलाशी ली।

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संदिग्धों पर कार्रवाई और साक्ष्यों की तलाश

सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्ध बदमाशों को हिरासत में लिया है, जिनकी सक्रियता पर एजेंसियों की लंबे समय से नजर थी। हालांकि, सुरक्षा कारणों और जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पुलिस ने अभी तक हिरासत में लिए गए लोगों के नामों या कुल संख्या के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े साक्ष्यों को इकट्ठा किया है, ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

राज्य में गैंगस्टर्स के खिलाफ सख्त रुख

यह अभियान केवल एक सामान्य कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रदेश में गैंगवार, जबरन वसूली (रंगदारी), अवैध हथियारों की तस्करी और अपराधियों के आर्थिक आधार को खत्म करने की एक बड़ी सरकारी योजना का हिस्सा है। पिछले कुछ समय से राजस्थान सरकार और पुलिस मुख्यालय ने अपराधियों के पूरे तंत्र को ढहाने के लिए एक कठोर नीति अपनाई है। जयपुर में हुआ यह सर्च ऑपरेशन इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी

इस पूरे ऑपरेशन की कमान उच्चाधिकारियों के हाथों में है। एजीटीएफ के एडीजी दिनेश एमएन और जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल खुद इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का साफ कहना है कि किसी भी सूरत में संगठित अपराध से जुड़े लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। सर्च ऑपरेशन की प्रक्रिया फिलहाल जारी है और जैसे ही जांच का दायरा पूरा होगा, पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। पुलिस के अनुसार, अपराधियों पर इस प्रकार की सख्ती भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी।

सवाल-जवाब

जयपुर में यह छापेमारी किन एजेंसियों ने मिलकर की है?
यह संयुक्त कार्रवाई एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जयपुर पुलिस द्वारा की गई है।
इस सर्च ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य संगठित अपराध, गैंगवार, रंगदारी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
कितने स्थानों पर छापेमारी की गई?
पुलिस ने जयपुर के कुल 20 से अधिक स्थानों पर एक साथ दबिश दी है।
क्या पुलिस ने किसी को हिरासत में लिया है?
हां, अभियान के दौरान कुछ संदिग्ध बदमाशों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है, लेकिन पुलिस ने अभी उनकी आधिकारिक संख्या या पहचान का खुलासा नहीं किया है।
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