राजस्थान में मानसून ने अब अपनी पूरी ताकत दिखा दी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है और आने वाले 48 घंटों में इसमें और तेजी आने की पूरी संभावना है। मौसम केंद्र जयपुर के आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति काफी तेज है। आने वाले 2 से 3 दिनों के भीतर यह न केवल पूरे राजस्थान को बल्कि पूरे देश को अपनी चपेट में ले लेगा। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर और जोधपुर से लेकर चूरू जिले के राजगढ़ और भटिंडा तक पहुंच गई है।
भारी बारिश के कारण और सिस्टम
इस मूसलाधार बारिश के पीछे कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। पूर्वी भारत में जो डिप्रेशन बना था, वह अब कमजोर होकर दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर एक 'वेल मार्क्ड लो प्रेशर' क्षेत्र में तब्दील हो चुका है। इसके साथ ही, उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर पूर्वोत्तर बांग्लादेश तक एक मौसमी द्रोणिका बनी हुई है। इसके अलावा, उत्तर-पूर्व अरब सागर से सिक्किम तक ऊपरी स्तर की ट्रफ और एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के सम्मिलित प्रभाव से राजस्थान में व्यापक बारिश का दौर चल रहा है।
35 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने 9 जुलाई के लिए प्रदेश के कुल 35 जिलों को अलर्ट पर रखा है, जिसमें पूर्वी राजस्थान के 28 जिले और पश्चिमी राजस्थान के 7 जिले शामिल हैं। इन इलाकों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। प्रभावित होने वाले जिलों में अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर प्रमुख हैं। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जोधपुर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर में भी चेतावनी जारी की गई है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट की स्थिति
मौसम विभाग ने बारां, भरतपुर, डीग, धौलपुर और झालावाड़ के लिए अतिभारी बारिश की चेतावनी दी है। सवाई माधोपुर, कोटा और बारां के लिए खास तौर पर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के अन्य अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और जालौर में मानसून का असर अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। 10 जुलाई को भी प्रदेश के 29 जिलों में येलो अलर्ट जारी रहेगा। 11 जुलाई से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आनी शुरू हो जाएगी, जिसके बाद केवल पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में ही मध्यम बारिश की संभावना है।
राजधानी जयपुर का हाल
जयपुर में मौसम विभाग के अनुसार दिन भर आसमान में बादल छाए रहेंगे। शहर में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मेघगर्जन के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। राजधानी का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है। राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान जैसलमेर में 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, लेकिन मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है।











