राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के अरनोद थाना इलाके में पुलिस ने एक सुनियोजित कार्रवाई के तहत गौतम नगर स्थित एक मकान पर औचक दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से एक किलो 45 ग्राम अवैध अफीम बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। इसके साथ ही मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से जुड़े होने के संदेह में भारी मात्रा में नकदी और दो वाहन भी अपने कब्जे में लिए गए हैं। जप्त की गई अफीम की कुल अनुमानित बाजार कीमत करीब पांच लाख रुपए आंकी गई है, जिसने इलाके में चल रहे अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश
इस पूरी कार्रवाई की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी देते हुए एसपी विशाल जांगिड़ ने बताया कि स्थानीय पुलिस को एक गोपनीय मुखबिर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना में यह बताया गया था कि जोधपुर जिले का रहने वाला जेठाराम ब्राह्मण अरनोद के गौतम नगर में स्थित अपने निजी मकान से बड़े पैमाने पर अवैध अफीम और डोडाचूरा की खरीद-फरोख्त का धंधा चला रहा है। इस खबर के मुताबिक, जिस समय पुलिस को सूचना मिली, उस वक्त भी उस मकान पर कुछ संदिग्ध लोग अफीम की डील करने और खरीदने के लिए मौजूद थे। इस महत्वपूर्ण इनपुट मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई और बिना देर किए एक विशेष टीम का गठन करके बताए गए ठिकाने पर दबिश दी गई। हालांकि, जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की, तो भनक लगते ही मुख्य मकान मालिक जेठाराम मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस ने रात के वक्त उसकी तलाश में आसपास के इलाकों की कॉम्बिंग की, लेकिन अंधेरा ज्यादा होने के कारण उसका कोई सुराग हाथ नहीं लग सका।
तलाशी अभियान और दो आरोपियों की गिरफ्तारी
जब पुलिस बल ने मकान के भीतर प्रवेश किया और सघन तलाशी अभियान चलाया, तो वहां दो संदिग्ध व्यक्ति मौजूद मिले। पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की और उनकी पहचान खंगाली, तो उनकी शिनाख्त श्रवणराम जाट जो कि नारनाड़ी का रहने वाला है, तथा राजेंद्र उर्फ राजू ब्राह्मण जो कि जोधपुर जिले के जानादेसर का निवासी है, के रूप में हुई। इसके बाद जब उनकी मौजूदगी में तलाशी ली गई, तो उनके पास से एक पारदर्शी प्लास्टिक की थैली बरामद हुई, जिसमें एक किलो 45 ग्राम अवैध अफीम भरी हुई थी। पुलिस अधिकारियों ने दोनों से इस अफीम को रखने या इसके व्यापार से जुड़ा कोई भी वैध लाइसेंस, परमिट या अनुमति पत्र दिखाने को कहा, लेकिन दोनों आरोपी मौके पर ऐसा कोई भी दस्तावेज पेश करने में पूरी तरह असमर्थ रहे। स्थिति साफ होने के बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत तुरंत अफीम को अपने कब्जे में लिया और दोनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
नकदी और वाहनों की जब्ती के साथ आगे की जांच
तलाशी की इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस को उस मकान से चार लाख सत्तर हजार रुपए की भारी-भरकम नकदी भी हाथ लगी। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह सारी नकदी फरार चल रहे मकान मालिक जेठाराम की है और इसे अवैध रूप से अफीम की खरीद और बिक्री करके ही अर्जित किया गया था। इस काली कमाई के अलावा पुलिस ने मौके से एक ब्रेजा कार और एक मोटरसाइकिल को भी जब्त किया है, जिनका इस्तेमाल इस अवैध धंधे में परिवहन के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और मामले की तह तक जाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस फरार चल रहे मकान मालिक जेठाराम की तलाश करना है, ताकि इस बात का पूरा खुलासा हो सके कि यह अवैध अफीम आखिर कहां से लाई जाती थी और इस काले कारोबार के नेटवर्क में और कौन-कौन से स्थानीय या बाहरी लोग शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिलने वाले इनपुट और आगे की तकनीकी जांच के आधार पर इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य चेहरों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।























