हैदराबाद में पांच साल की एक मासूम बच्ची की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि खेल-खेल में अचानक गायब हुई बच्ची का शव बाद में पानी के टैंक से बरामद हुआ। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद से स्थानीय निवासियों और परिजनों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लोग आरोपी के खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई और फांसी की मांग कर रहे हैं।
साइकिल चलाते समय अचानक गायब हुई मासूम
यह पूरी घटना हैदराबाद के कौकूर इलाके में स्थित विला ऑर्किड आवासीय परिसर के भीतर हुई। पीड़ित बच्ची का नाम ऑरेलिया मोसेस था, जो शनिवार, 10 अक्टूबर की शाम अपने घर के पास ही साइकिल चला रही थी और खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक गायब हो गई, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने तुरंत आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच शुरू की और आवासीय परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
20 लाख रुपये की फिरौती और वीडियो कॉल से इनकार
जांच के दौरान नया मोड़ तब आया जब शनिवार रात करीब 7:45 बजे बच्ची के परिजनों के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बच्ची को सुरक्षित छोड़ने के एवज में 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। परिवार ने अपहरणकर्ता से कहा कि वे बच्ची की सलामती देखना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने वीडियो कॉल करने की मांग की। हालांकि, आरोपी ने वीडियो कॉल की मांग को ठुकराते हुए फोन काट दिया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल सिग्नल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपनी तलाश तेज की और रविवार तड़के करीब 1:30 बजे क्लब हाउस के तहखाने में बने पानी के टैंक से बच्ची का शव बरामद कर लिया।
नौकरी से निकाले गए पूर्व गार्ड पर शक
पुलिस की शुरुआती जांच की सुई आवासीय परिसर के ही एक पूर्व कर्मचारी पर जाकर रुकी। विक्रम कुमार नाम का यह शख्स पहले इसी विला ऑर्किड परिसर में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात था। हालांकि, उसके खराब आचरण और शिकायतों के चलते उसे कुछ समय पहले ही नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस का मानना है कि इसी खुन्नस और पैसों की लालच में उसने फिरौती की साजिश रची थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस अन्य सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश में कोई और भी शामिल था या नहीं।
लोगों का फूटा गुस्सा, थाने के बाहर प्रदर्शन
इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद से ही इलाके के लोगों, परिजनों और रिश्तेदारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गुस्साए लोग और प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र हुए और न्याय की गुहार लगाई। भीड़ ने आरोपी के लिए मृत्युदंड और मौत की सजा की मांग की। स्थिति को संभालते हुए पुलिस आयुक्त बी. सुमति ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई का पूरा भरोसा दिया। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।






















