असम के तिंगखोंग में महीनों के आतंक के बाद मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों को मिली राहतटीकमगढ़ में कलेक्टर के औचक निरीक्षण से खुली स्वास्थ्य सेवाओं की पोल, सीएचओ नहीं माप सकीं मरीज का ब्लड प्रेशरवीवो X500 प्रो मैक्स में होगा दुनिया का पहला 2K डिस्प्ले, मिलेंगे कई दमदार फीचर्ससोनम वांगचुक का आमिर खान पर पलटवार, बोले 'गजनी' के किरदार में भूल गए होंगे मुलाकातपैतृक संपत्ति धोखाधड़ी मामले में अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने चाची और चचेरे भाइयों पर दर्ज कराई एफआईआरहापुड़ में सगाई टूटने से बौखलाए युवक ने घर में घुसकर दो सगी बहनों पर फेंका तेजाबसमृद्धि एसएम-70 लॉटरी के परिणाम घोषित, जानिए पहले और दूसरे पुरस्कार के विजेताओं की पूरी सूचीबारां में रेपी नदी के तेज बहाव में बहे दादा-पोते के शव मिले, दो दिन से चल रहा था रेस्क्यू ऑपरेशनरणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की 'ये जवानी है दीवानी' की दीवानी हुई एकेडमी, इंस्टाग्राम पर शेयर किया सनसेट वाला आइकॉनिक सीनपितृपक्ष 2026 की सही तिथियां और श्राद्ध कैलेंडर, जानिए किस दिन पड़ेगा किस तिथि का तर्पण
राजस्थान के धौलपुर में रक्षाबंधन पर दर्दनाक हादसा, भाई को बचाने पानी में कूदीं तीन बहनें, चारों की डूबने से मौतराजस्थान
30 अग॰ 2026, 1:45 pm (1 घंटे पहले)· 2

राजस्थान के धौलपुर में रक्षाबंधन पर दर्दनाक हादसा, भाई को बचाने पानी में कूदीं तीन बहनें, चारों की डूबने से मौत

धौलपुर के बिरजा गांव में बीहड़ स्थित कुंडा तालाब में नहाने गए सगे और चचेरे चार भाई-बहन डूब गए। भाई को असंतुलित होकर गहरे पानी में जाता देख तीनों बहनों ने छलांग लगा दी थी।

राजस्थान के धौलपुर जिले में रक्षाबंधन के त्योहार का उल्लास उस वक्त मातम में बदल गया जब एक ही परिवार के चार भाई-बहनों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। सरमथुरा उपखंड के आंगई थाना क्षेत्र में पड़ने वाले बिरजा गांव के पास यह दुखद दुर्घटना घटी। वहां स्थित हीरामन बाबा मंदिर के नजदीक बने कुंडा तालाब में सुबह नहाने के दौरान 21 वर्षीय युवक गहरे पानी में समाने लगा। अपने भाई को जिंदगी और मौत से जूझता देख पास मौजूद उसकी दो सगी बहनें और एक चचेरी बहन भी बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए कुंड में कूद पड़ीं। हालांकि पानी की अत्यधिक गहराई और तेज बहाव के कारण चारों में से कोई भी बाहर नहीं निकल सका और चारों की मौके पर ही मौत हो गई।

धार्मिक आयोजन में शामिल होने आया था परिवार

यह दुखद घटना शनिवार रात और रविवार सुबह के बीच घटी। धौलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित मोरोली (नथुआपुरा) निवासी यह परिवार रक्षाबंधन का पावन पर्व एक साथ मनाने के उद्देश्य से अपने रिश्तेदारों के यहां आया हुआ था। शनिवार की रात करीब 11 बजे परिवार के युवा सदस्य बिरजा गांव में बने प्रसिद्ध हीरामन बाबा मंदिर में आयोजित रामधन भजन और धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने गए थे। इनमें 21 वर्षीय रवि उर्फ भोलू, उसकी दो सगी बहनें मनोरमा (उम्र 22 वर्ष) व बोटो (उम्र 25 वर्ष) और उनकी चचेरी बहन निशा उर्फ कल्लो (उम्र 18 वर्ष) शामिल थे। रात भर मंदिर में भजन और कीर्तन का माहौल रहा जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

ये भी पढ़ें

तालाब में नहाते समय अचानक बिगड़ा संतुलन

रविवार की सुबह करीब 6 बजे मंदिर में रात भर चले धार्मिक कार्यक्रम के समापन के बाद परिवार के लोग और अन्य श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर पास ही स्थित बीहड़ के कुंडा तालाब पर स्नान करने पहुंचे। तालाब के किनारे नहाते समय अचानक 21 साल के रवि का पैर फिसल गया और वह असंतुलित होकर गहरे पानी की तरफ चला गया। रवि को तैरना नहीं आता था और वह पानी में छटपटाते हुए डूबने लगा। अपनी आंखों के सामने भाई को डूबते देख वहां पास ही नहा रहीं तीनों बहनों मनोरमा, बोटो और निशा ने अपनी जान की परवाह किए बिना भाई को बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी।

ग्रामीणों ने चार महिलाओं को सुरक्षित निकाला, 6 घंटे चला रेस्क्यू

गहरे पानी का अंदाजा न होने और बचाव के सही साधन उपलब्ध न होने के कारण तीनों बहनें भी पानी में समा गईं। इस दौरान कुंड में नहा रहे कुल 8 लोग डूबने की स्थिति में आ गए। वहां मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बहादुरी और तत्परता दिखाते हुए पानी में छलांग लगाई और 4 महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन पानी की गहराई ज्यादा होने से चारों भाई-बहन डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही आंगई थाना पुलिस की टीम और आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। ग्रामीणों ने गोताखोरी कर तीनों बहनों के शवों को कुछ ही देर में बाहर निकाल लिया। हालांकि भाई रवि का शव ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त टीम ने लगभग 6 घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुबह 10 बजे रवि का शव भी बरामद कर लिया।

अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव

हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने चारों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर सरमथुरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में पहुंचाया। वहां जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शवों को रोते-बिलखते परिजनों के हवाले कर दिया गया। इस घटना के बाद मोरोली और बिरजा दोनों गांवों में शोक व्याप्त हो गया है और रक्षाबंधन की खुशियां पूरी तरह मातम में तब्दील हो गईं। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।

सवाल-जवाब

धौलपुर हादसे में किन लोगों की जान चली गई?
हादसे में 21 वर्षीय रवि उर्फ भोलू, उसकी सगी बहनें मनोरमा (22 वर्ष) और बोटो (25 वर्ष), तथा चचेरी बहन निशा उर्फ कल्लो (18 वर्ष) की डूबने से मौत हो गई।
यह दुर्घटना किस स्थान पर और कब हुई?
यह दुर्घटना राजस्थान के धौलपुर जिले में सरमथुरा उपखंड के आंगई थाना क्षेत्र स्थित बिरजा गांव के पास कुंडा तालाब में रविवार सुबह करीब 6 बजे हुई।
भाई-बहन बिरजा गांव क्यों आए हुए थे?
मोरोली निवासी यह परिवार रक्षाबंधन मनाने आया था और शनिवार रात हीरामन बाबा मंदिर में आयोजित रामधन भजन कार्यक्रम में शामिल हुआ था।
बचाव कार्य में कितना समय लगा?
ग्रामीणों ने तीनों बहनों के शव तुरंत निकाल लिए थे, जबकि पुलिस और गोताखोरों की मदद से चला रेस्क्यू ऑपरेशन 6 घंटे चला और सुबह 10 बजे रवि का शव मिला।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 मिनट पहले

यह दर्दनाक हादसा ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक सुरक्षा, विशेषकर प्राकृतिक जल स्रोतों के पास सुरक्षा उपायों की गंभीर कमी को उजागर करता है। बीहड़ और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे खतरनाक तालाबों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत या स्थानीय प्रशासन द्वारा गोताखोरों की तैनाती न होना प्रशासनिक लापरवाही है। भविष्य में ऐसे आयोजनों या त्योहारों के दौरान मौतों को रोकने के लिए जिला प्रशासन और पंचायत स्तर पर पुख्ता सुरक्षा दिशानिर्देश अनिवार्य रूप से लागू किए जाने चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·11 मिनट पहले

यह दुखद घटना ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक उदासीनता और सुरक्षा उपायों की पूर्ण विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। बीहड़ और धार्मिक स्थलों के आसपास बने खतरनाक जलस्रोतों पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग न होना स्थानीय प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। त्योहारों पर भीड़भाड़ वाले ऐसे स्थानों पर पुलिस या होमगार्ड की तैनाती न होने से आपदा प्रबंधन पूरी तरह नदारद दिखता है। यदि समय रहते इन असुरक्षित तालाबों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और गोताखोरों की व्यवस्था नहीं की गई, तो ग्रामीण इलाकों में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति को रोक पाना असंभव होगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR