राजस्थान के धौलपुर जिले में रक्षाबंधन के त्योहार का उल्लास उस वक्त मातम में बदल गया जब एक ही परिवार के चार भाई-बहनों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। सरमथुरा उपखंड के आंगई थाना क्षेत्र में पड़ने वाले बिरजा गांव के पास यह दुखद दुर्घटना घटी। वहां स्थित हीरामन बाबा मंदिर के नजदीक बने कुंडा तालाब में सुबह नहाने के दौरान 21 वर्षीय युवक गहरे पानी में समाने लगा। अपने भाई को जिंदगी और मौत से जूझता देख पास मौजूद उसकी दो सगी बहनें और एक चचेरी बहन भी बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए कुंड में कूद पड़ीं। हालांकि पानी की अत्यधिक गहराई और तेज बहाव के कारण चारों में से कोई भी बाहर नहीं निकल सका और चारों की मौके पर ही मौत हो गई।
धार्मिक आयोजन में शामिल होने आया था परिवार
यह दुखद घटना शनिवार रात और रविवार सुबह के बीच घटी। धौलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित मोरोली (नथुआपुरा) निवासी यह परिवार रक्षाबंधन का पावन पर्व एक साथ मनाने के उद्देश्य से अपने रिश्तेदारों के यहां आया हुआ था। शनिवार की रात करीब 11 बजे परिवार के युवा सदस्य बिरजा गांव में बने प्रसिद्ध हीरामन बाबा मंदिर में आयोजित रामधन भजन और धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने गए थे। इनमें 21 वर्षीय रवि उर्फ भोलू, उसकी दो सगी बहनें मनोरमा (उम्र 22 वर्ष) व बोटो (उम्र 25 वर्ष) और उनकी चचेरी बहन निशा उर्फ कल्लो (उम्र 18 वर्ष) शामिल थे। रात भर मंदिर में भजन और कीर्तन का माहौल रहा जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
तालाब में नहाते समय अचानक बिगड़ा संतुलन
रविवार की सुबह करीब 6 बजे मंदिर में रात भर चले धार्मिक कार्यक्रम के समापन के बाद परिवार के लोग और अन्य श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर पास ही स्थित बीहड़ के कुंडा तालाब पर स्नान करने पहुंचे। तालाब के किनारे नहाते समय अचानक 21 साल के रवि का पैर फिसल गया और वह असंतुलित होकर गहरे पानी की तरफ चला गया। रवि को तैरना नहीं आता था और वह पानी में छटपटाते हुए डूबने लगा। अपनी आंखों के सामने भाई को डूबते देख वहां पास ही नहा रहीं तीनों बहनों मनोरमा, बोटो और निशा ने अपनी जान की परवाह किए बिना भाई को बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी।
ग्रामीणों ने चार महिलाओं को सुरक्षित निकाला, 6 घंटे चला रेस्क्यू
गहरे पानी का अंदाजा न होने और बचाव के सही साधन उपलब्ध न होने के कारण तीनों बहनें भी पानी में समा गईं। इस दौरान कुंड में नहा रहे कुल 8 लोग डूबने की स्थिति में आ गए। वहां मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बहादुरी और तत्परता दिखाते हुए पानी में छलांग लगाई और 4 महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन पानी की गहराई ज्यादा होने से चारों भाई-बहन डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही आंगई थाना पुलिस की टीम और आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। ग्रामीणों ने गोताखोरी कर तीनों बहनों के शवों को कुछ ही देर में बाहर निकाल लिया। हालांकि भाई रवि का शव ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त टीम ने लगभग 6 घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुबह 10 बजे रवि का शव भी बरामद कर लिया।
अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव
हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने चारों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर सरमथुरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में पहुंचाया। वहां जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शवों को रोते-बिलखते परिजनों के हवाले कर दिया गया। इस घटना के बाद मोरोली और बिरजा दोनों गांवों में शोक व्याप्त हो गया है और रक्षाबंधन की खुशियां पूरी तरह मातम में तब्दील हो गईं। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।





















