राजस्थान के अजमेर जिले में सावर पंचायत समिति क्षेत्र के घटियाली ग्राम पंचायत स्थित नाड़ी गांव को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता बीते पांच वर्षों से खस्ताहाल पड़ा हुआ है। घटियाली से नाड़ी गांव के बीच फैली करीब पांच किलोमीटर लंबी यह सड़क बारिश आते ही पानी से लबालब हो जाती है, जिससे स्थानीय लोगों का रोजाना का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है, जिसके चलते कीचड़ और जलभराव के बीच राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है।
कीचड़ में फिसलती गाड़ियां और राहगीरों की परेशानी
मानसून के दौरान इस मार्ग की हालत सबसे अधिक दयनीय हो जाती है। सड़क पर कीचड़ जमा होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है और वे फिसलकर गिर जाते हैं। हादसों के डर से कई लोग बाइक से उतरकर गाड़ियों को घसीटते हुए पैदल चलने को मजबूर हैं। इस अव्यवस्था का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और रोजाना मजदूरी पर जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। जरूरी कामों के लिए भी लोगों को इस जानलेवा रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
अतिक्रमण बना जलभराव का मुख्य कारण
पूर्व वार्ड पंच भंवर नरेंद्र सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटियाली से बाजटा की तरफ जाने वाला यह मार्ग इलाके के कई गांवों के लिए एक अहम संपर्क सड़क है। हालांकि, नाड़ी गांव के पास बहाव वाले नाले की जमीन पर कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिए जाने के कारण बारिश के पानी का स्वाभाविक निकास पूरी तरह रुक गया है। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से नाले का पानी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे डामर उखड़ चुकी है और सड़क लगातार टूटती जा रही है।
प्रशासनिक उपेक्षा और ग्रामीणों की मांगें
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सड़क सुधार और जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय पंचायत प्रशासन को बार-बार सूचित किया है। इसके अलावा सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में भी लिखित शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक अधिकारियों ने समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकाला है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून से पहले नाड़ी गांव के मुख्य मार्ग पर पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया और नाले से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और विकराल हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मौके का जायजा लेकर तुरंत पक्का समाधान करने का आग्रह किया है।



















