राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब काफी तेजी से सक्रिय हो गया है और राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, मानसून ने उत्तर अरब सागर के अन्य हिस्सों के साथ-साथ गुजरात और राजस्थान के शेष इलाकों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की है। वर्तमान में, मानसून की उत्तरी सीमा राज्य के बाड़मेर, जोधपुर और चूरू जिले के राजगढ़ क्षेत्र से होकर गुजर रही है। जयपुर मौसम केंद्र का पूर्वानुमान है कि आगामी दो से तीन दिनों के भीतर मानसून राजस्थान के पूरे भूभाग को कवर कर लेगा। राज्य के 40 जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट और मौसम का पैटर्न
मौसम के बिगड़ने का मुख्य कारण पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बना 'वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया' है, जो काफी सक्रिय है। इससे उत्पन्न चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह मौसमी सिस्टम अगले 24 घंटों तक पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर आगे बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। साथ ही, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से बांग्लादेश तक सक्रिय एक मौसमी ट्रफ प्रदेश में नमी की निरंतर आपूर्ति कर रही है। इन प्रणालियों के सक्रिय रहने से अगले तीन से चार दिनों तक राजस्थान में मानसून की सक्रियता बने रहने की उम्मीद है।
बारां, झालावाड़ और कोटा में चेतावनी
जयपुर मौसम केंद्र ने विशेष रूप से 8 और 9 जुलाई के लिए दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के लिए गंभीर अलर्ट जारी किया है। उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, 10 जुलाई के बाद से इन तीव्र बारिश की गतिविधियों में क्रमिक कमी आने के आसार हैं। विशेषकर 8 जुलाई को बारां, झालावाड़ और कोटा जिलों में अतिभारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जहां मेघगर्जन और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
विभिन्न जिलों में बारिश का अनुमान
पूर्वी राजस्थान के अजमेर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूम्बर, उदयपुर, अलवर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही और टोंक में बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने के निर्देश हैं। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली, फलौदी और श्रीगंगानगर में भी हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद जताई गई है। राजधानी जयपुर में दिनभर बादलों की आवाजाही रहेगी और यहां भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।











