पूरे भारत में मानसून अब अपने चरम पर पहुंच चुका है और मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। कुछ दिन पहले तक जो इलाके प्रचंड गर्मी और उमस की मार झेल रहे थे, वे अब मूसलाधार बारिश, बिजली की चमक और तेज तूफानी हवाओं की चपेट में हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो रही है और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 8 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, वज्रपात और छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से मिलने वाली लगातार नमी अगले 48 से 72 घंटों तक मौसम को काफी अस्थिर बनाए रखेगी। प्रशासन ने आम जनता से मौसम के अपडेट्स पर नजर रखने और निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है।
मानसून का विस्तार और सक्रियता
IMD के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के कई नए क्षेत्रों में पहुंच चुका है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर निचले क्षोभमंडल में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय मानसूनी ट्रफ पूरे देश में व्यापक बारिश का मुख्य कारण बने हुए हैं। इसका प्रभाव उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पश्चिमी तट के राज्यों पर स्पष्ट दिख रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात और महाराष्ट्र में अलग-अलग तीव्रता के अलर्ट घोषित किए हैं। कहीं-कहीं हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो जान-माल के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
सावधानी और सुरक्षात्मक उपाय
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले तीन दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सामान्य से अधिक रहेंगी। नमी के खिंचाव के कारण उत्तर भारत में भी अच्छी बारिश की संभावना है, जो खरीफ फसलों के लिए तो संजीवनी है लेकिन शहरी जनजीवन के लिए यातायात और जलभराव का संकट भी लेकर आई है। आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क मोड पर रखा गया है। आम नागरिकों को खुले मैदानों, बिजली के खंभों और कमजोर पेड़ों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, जबकि पहाड़ी इलाकों के पर्यटकों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान जांचने की सलाह दी गई है।
राजधानी और प्रमुख राज्यों की स्थिति
दिल्ली-एनसीआर में 8 जुलाई को मौसम का रूप काफी आक्रामक रह सकता है। IMD के अनुसार, यहां गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हवाओं के झोंकों से पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था बाधित होने की आशंका जताई गई है।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक मानसून सक्रिय है। मथुरा, बुलंदशहर, झांसी, महोबा, जालौन, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और देवरिया जैसे जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। वहीं, बिहार के पटना, गया, सारण, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, अररिया और किशनगंज में भी भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है।
झारखंड के पलामू, गढ़वा, रांची, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग, देवघर, लातेहार, खूंटी और सिमडेगा में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। रांची में तापमान 25 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। गुजरात में विशेष रूप से दक्षिण और सौराष्ट्र क्षेत्र में मानसून का सबसे अधिक प्रभाव दिखने की संभावना है, जहां प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाना शुरू कर दिया है।











