आयुर्वेदिक तरीकों से कैसे कम हो सकती है ओवरी सिस्ट की समस्या, जानिए डॉक्टर चंचल शर्मा की सलाहश्रीमद्भगवद्गीता का 13वां श्लोक: बाहरी शोर के बीच कैसे लें सही फैसले और पाएं मानसिक शांतिरणबीर कपूर की 'रामायण' का 40 सेकंड का मेकिंग वीडियो वायरल, तीन साल की मेहनत आई सामनेघर पर मखाने से तैयार करें दानेदार कलाकंद, त्योहार और व्रत के लिए आसान तरीकाबॉम्बे हाई कोर्ट से अभिनेता इमरान खान को राहत, देश छोड़ने के नोटिस की डेडलाइन 2 नवंबर तक बढ़ीआंखों के मेकअप में भूलकर भी न करें ये सात बड़ी गलतियां, हो सकता है बड़ा नुकसानसागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की चौंकाने वाली रिसर्च, डायबिटीज और थायराइड के मेल से बढ़ रहा है अंधापन का खतराकिचन की जिद्दी चिकनाई और गंदगी से हैं परेशान, तो सिर्फ दो मिनट में ऐसे चमकाएं अपना गैस और स्लैबछोटे मैदानों और तूफानी बल्लेबाजी से परेशान नहीं हैं भुवनेश्वर कुमार, बोले- गेंदबाज आज भी रख सकते हैं मैच पर पकड़दीवाली के बाद पेंट की खाली बाल्टियों को न फेंके कचरे में, जानिए उन्हें साफ कर दोबारा इस्तेमाल करने के आसान तरीके
यौन संबंधों के दौरान गला दबाने का खतरनाक ट्रेंड: सिडनी की घटना से समझें चोकिंग का जानलेवा सचरिश्ते
30 अग॰ 2026, 12:46 pm (59 दिन पहले)· 13

यौन संबंधों के दौरान गला दबाने का खतरनाक ट्रेंड: सिडनी की घटना से समझें चोकिंग का जानलेवा सच

सिडनी में 16 साल की लड़की की मौत के बाद सेक्शुअल चोकिंग के जानलेवा खतरों पर बहस तेज हो गई है। जानिए क्यों ब्रीद प्ले और इरोटिक अस्फिक्सिएशन युवाओं के लिए बेहद गंभीर जोखिम पैदा कर रहे हैं।

सिडनी में 16 साल की एक नाबालिग लड़की की दुखद मौत ने यौन संबंधों के दौरान किए जाने वाले खतरनाक प्रयोगों पर गंभीर बहस छेड़ दी है। अंतरंग पलों में गले पर दबाव बनाने या चोकिंग की यह प्रथा युवाओं में तेजी से फैल रही है। फिल्मों और इंटरनेट पर इसे एक थ्रिलर या सेफ एक्टिविटी की तरह पेश किया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई सामान्य रोमांस नहीं बल्कि जानलेवा खतरा है।

पॉप कल्चर और इंटरनेट से बढ़ता भ्रम

रिश्ते की शुरुआत में युवा अक्सर एक-दूसरे को प्रभावित करने और नए अनुभव तलाशने के लिए उत्सुक रहते हैं। हालांकि, वयस्क सामग्री और फिल्मों में सेक्शुअल स्ट्रैंगुलेशन को जिस तरह दिखाया जाता है, उससे युवाओं में गलतफहमी पैदा हो गई है। सेक्स एजुकेशन में इस तरह की खतरनाक गतिविधियों के शारीरिक खतरों के बारे में जानकारी नहीं दी जाती, जिसके कारण कई कपल इसे केवल एक एक्साइटिंग फैंटेसी मानकर आजमा लेते हैं।

ये भी पढ़ें

शोध के चौंकाने वाले आंकड़े

युवाओं के बीच इस खतरनाक अभ्यास के प्रसार को लेकर हालिया अध्ययन चिंताजनक तस्वीरें पेश करते हैं। मेलबर्न लॉ स्कूल की प्रोफ़ेसर हीदर डगलस द्वारा किए गए एक शोध में सामने आया कि यह चलन काफी व्यापक हो चुका है। साल 2024 में ऑस्ट्रेलिया में 18 से 35 वर्ष की आयु के 4,702 लोगों पर किए गए एक सर्वे के अनुसार, 57 प्रतिशत प्रतिभागियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने जीवन में कभी न कभी सेक्शुअल स्ट्रैंगुलेशन का अनुभव किया है।

क्या है इरोटिक अस्फिक्सिएशन या ब्रीद प्ले?

यौन संबंधों के दौरान जब एक पार्टनर दूसरे पार्टनर की गर्दन पर हाथों या किसी चीज से दबाव डालता है, तो इसे चोकिंग, ब्रीद प्ले या इरोटिक अस्फिक्सिएशन कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ऑक्सीजन की आपूर्ति को कम करके उत्तेजना को बढ़ाना होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि लोग ऑर्गेज्म को अधिक तीव्र महसूस करने, पावर प्ले, नया रोमांच महसूस करने या BDSM जैसी सेक्शुअल फैंटेसी के तहत इस तरह के रिस्क उठाते हैं।

शरीर पर जानलेवा असर और आंतरिक चोटें

चिकित्सा विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि चोकिंग का कोई भी तरीका सुरक्षित नहीं हो सकता। गर्दन पर थोड़ा सा भी असामान्य दबाव दिमाग तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन और खून के बहाव को रोक देता है। इससे व्यक्ति तुरंत बेहोश हो सकता है, ब्रेन डैमेज का शिकार हो सकता है, स्ट्रोक आ सकता है या अचानक मौत हो सकती है। इसके अलावा, गले के अंदरूनी हिस्से में लगने वाली चोटें बाहर से दिखाई नहीं देतीं और इनके लक्षण कुछ समय बाद उभरकर जानलेवा साबित हो सकते हैं।

सवाल-जवाब

चोकिंग या इरोटिक अस्फिक्सिएशन क्या होता है?
यौन संबंधों के दौरान उत्तेजना बढ़ाने के इरादे से पार्टनर की गर्दन पर हाथ या वस्तु से दबाव डालकर सांस रोकने की प्रक्रिया को इरोटिक अस्फिक्सिएशन या चोकिंग कहते हैं।
क्या सेक्शुअल चोकिंग को सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है?
नहीं, विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि सेक्शुअल चोकिंग का कोई भी तरीका सुरक्षित नहीं है क्योंकि थोड़े समय के लिए भी सांस या खून का रुकना जानलेवा हो सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई अध्ययन में क्या आंकड़े सामने आए हैं?
2024 में 18 से 35 वर्ष के 4,702 लोगों पर किए गए सर्वे में पाया गया कि 57 प्रतिशत युवाओं ने कभी न कभी सेक्शुअल स्ट्रैंगुलेशन का अनुभव किया है।
गला दबाने से शरीर पर क्या तात्कालिक खतरे होते हैं?
गर्दन दबाने से दिमाग में ऑक्सीजन की कमी होती है, जिससे बेहोशी, ब्रेन डैमेज, स्ट्रोक और तुरंत मौत हो सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp