उत्तर प्रदेश के स्कूली शिक्षा तंत्र में अध्यापकों के खाली स्थानों को भरने के उद्देश्य से एक बड़ा भर्ती अभियान शुरू किया गया है। राज्य के माध्यमिक तथा बेसिक शिक्षा विभागों के अंतर्गत कुल 15,012 अध्यापकों के चयन के लिए औपचारिक प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इस पूरी मुहिम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए दो अलग-अलग विज्ञापन प्रकाशित किए गए हैं, जिनके तहत सम्बद्ध प्राइमरी, शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं की तैनाती की जाएगी। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण का रास्ता साफ कर दिया गया है।
पदों का संपूर्ण ब्योरा और रिक्तियों का वर्गीकरण
इस बड़े पैमाने की नियुक्ति प्रक्रिया में सबसे अधिक पद प्राथमिक और पूर्व-माध्यमिक स्तर के सहायक अध्यापकों के लिए निर्धारित हैं। कुल रिक्तियों में 12,405 पद सहायक अध्यापक संवर्ग के हैं, जिन्हें दो श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें 897 पद सम्बद्ध प्राइमरी विद्यालयों के लिए तय किए गए हैं, जबकि 11,508 पद शहरी क्षेत्र के सहायक अध्यापकों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त, उच्च कक्षाओं में शिक्षण कार्य के लिए प्रवक्ता यानी पीजीटी के 2,607 पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी।
पंजीकरण की तिथियां और आवेदन की समय-सारणी
सहायक अध्यापक के 12,405 पदों के लिए आवेदन खिड़की 16 सितंबर से खोल दी गई है। दूसरी ओर, पीजीटी के 2,607 पदों के लिए अभ्यर्थी 18 सितंबर से अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। पूरी आवेदन प्रणाली में वन टाइम रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की गई है। समस्त उम्मीदवारों को 15 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीकरण पूरा करना होगा और इसी दिन तक निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान भी करना अनिवार्य है। यदि किसी अभ्यर्थी के भरे हुए विवरण में कोई त्रुटि रह जाती है, तो उसे सुधारने के लिए 19 अक्टूबर 2026 तक संशोधन का मौका दिया जाएगा। इसके बाद प्राथमिक शिक्षक पद के लिए लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
श्रेणीवार परीक्षा शुल्क और आयु सीमा के नियम
इस चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की आयु का आकलन 1 जुलाई 2026 के आधार पर किया जाएगा। इस कट-ऑफ तिथि तक अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूरी होनी चाहिए, जबकि अधिकतम उम्र सीमा 40 वर्ष तय की गई है। आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश UPESSC प्राथमिक शिक्षक परीक्षा नियम, विज्ञापन संख्या 05/2026 के प्रावधानों के अनुरूप ऊपरी आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। शुल्क संरचना की बात करें तो सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों को 1,000 रुपये का भुगतान करना होगा। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए शुल्क राशि 500 रुपये रखी गई है, जबकि दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए यह 300 रुपये तय है। सभी अभ्यर्थी अपनी फीस का भुगतान नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन कर सकते हैं।
टीईटी अर्हता और सुप्रीम कोर्ट का न्यायिक दिशा-निर्देश
अध्यापक चयन प्रक्रिया के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट का एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला भी पूरी तरह प्रभावी रहेगा। देश की शीर्ष अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया था कि अध्यापकों की सेवा में नई नियुक्ति अथवा पदोन्नति प्राप्त करने के लिए टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। अदालत ने अपने रुख में साफ कहा था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा पास किए बिना किसी भी उम्मीदवार का नए रोजगार या पदोन्नति का दावा वैध नहीं ठहराया जा सकता। अतः इन पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास संबंधित स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रमाणपत्र होना अपरिहार्य माना जाएगा।



















