6 जुलाई 2026, सोमवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि दोपहर तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी. सनातन परंपरा में सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देव को समर्पित माना जाता है और मान्यता है कि विधि-विधान से भोलेनाथ की आराधना करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. आज पूर्व भाद्रपद नक्षत्र, वणिज करण और सौभाग्य योग के बीच चंद्रमा कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा, जबकि सूर्य मिथुन राशि में बना रहेगा. पंचांग के मुताबिक आज सुबह 7:16 बजे से 8:56 बजे तक अमृत काल रहने की बात कही गई है और ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:14 बजे से 5:02 बजे तक बताया गया है. सूर्योदय सुबह 5:50 बजे और सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा, वहीं चन्द्रोदय रात 10:24 बजे और चन्द्रास्त दोपहर 12:02 बजे होगा.
चंद्रमा और भगवान शिव से सोमवार का गहरा नाता
ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति और माता का कारक ग्रह माना गया है. जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर या पीड़ित स्थिति में होता है, धर्माचार्यों के मुताबिक उनके लिए सोमवार का व्रत रखना और भगवान शिव की उपासना करना खास तौर पर फलदायी माना जाता है. सोमवार को केवल उपवास का दिन नहीं बल्कि आत्मसंयम, सकारात्मक सोच और शिव भक्ति बढ़ाने का अवसर भी बताया गया है. श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई शिव आराधना से मानसिक शांति मिलने, आत्मबल बढ़ने और जीवन में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है.
सोमवार व्रत में शिव पूजा कैसे करें
धार्मिक परंपरा के अनुसार सोमवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए. इसके बाद शिव मंदिर जाकर या घर में स्थापित शिवलिंग पर गंगाजल और शुद्ध जल से अभिषेक करना चाहिए. भगवान शिव को दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भस्म और सफेद पुष्प अर्पित करने की परंपरा है. पूजा के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करने और शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करने की सलाह दी जाती है. अंत में धूप-दीप जलाकर आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें.
चंद्रशेखर नाम के पीछे की पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार चंद्र देव ने भगवान शिव की कठोर तपस्या करके उनका आशीर्वाद हासिल किया था. इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने चंद्र देव को अपने मस्तक पर धारण कर लिया, यही कारण है कि शिव को चंद्रशेखर नाम से भी पुकारा जाता है. इसी पौराणिक संबंध के चलते यह मान्यता है कि सोमवार को शिव पूजा करने से चंद्रमा से जुड़े दोषों की शांति होती है और मानसिक तनाव में कमी आती है.
6 जुलाई 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, करण और योग
- तिथि: षष्ठी, दोपहर 01:47 बजे तक, इसके बाद सप्तमी तिथि
- नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद, शाम 04:07 बजे तक, इसके बाद उत्तर भाद्रपद
- करण: वणिज, दोपहर 01:47 बजे तक, फिर विष्टि करण 7 जुलाई रात 01:41 बजे तक
- योग: सौभाग्य योग, दोपहर 03:51 बजे तक, इसके बाद शोभन योग
- चंद्र राशि: कुंभ राशि, इसके बाद मीन राशि
- सूर्योदय: सुबह 05:50 बजे, सूर्यास्त: शाम 07:12 बजे
- चन्द्रोदय: रात 10:24 बजे, चन्द्रास्त: दोपहर 12:02 बजे
आज के शुभ योग और मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:09 बजे से 04:50 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:45 बजे से 03:41 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:22 बजे से 07:42 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 12:07 बजे से 12:47 बजे तक, 7 जुलाई
- अमृत काल: सुबह 07:49 बजे से 09:29 बजे तक
- रवि योग: सुबह 05:30 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक
- शिववास: भोजन में, दोपहर 01:47 बजे तक, इसके बाद श्मशान में
आज के अशुभ मुहूर्त, राहुकाल समेत
- राहुकाल: सुबह 07:14 बजे से 08:58 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 02:11 बजे से 03:55 बजे तक
- आडल योग: सुबह 05:30 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक
- विडाल योग: दोपहर 12:09 बजे से 04:07 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:54 बजे से 01:50 बजे तक
- भद्रा: दोपहर 01:47 बजे से रात 01:41 बजे तक, 7 जुलाई











