ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 28 जुलाई का दिन भारतीय बॉक्सिंग प्रशंसकों के लिए बेहद खुशी भरा रहा, जहां स्टार मुक्केबाज प्रीति और प्रिया घंघास ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। इन दोनों दमदार जीत के दम पर भारत के लिए मुक्केबाजी प्रतियोगिता में दो और पदक पूरी तरह सुनिश्चित हो गए हैं। नियम के मुताबिक सेमीफाइनल में पहुंचते ही दोनों खिलाड़ियों ने कम से कम ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम पक्का कर लिया है, लेकिन अब दोनों ही मुक्केबाजों का लक्ष्य अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश करना और भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल करना है। उल्लेखनीय है कि इन दोनों से पहले भारत की अनुभवी स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन भी प्रतियोगिता में भारत का एक मेडल पहले ही पक्का कर चुकी हैं।
प्रीति का रिंग में एकतरफा दबदबा और सेमीफाइनल का कार्यक्रम
महिलाओं के 54 किलोग्राम भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर मौजूद भारतीय मुक्केबाज प्रीति का सामना नॉर्दर्न आयरलैंड की प्रतिद्वंद्वी निकोल क्लाइड से हुआ। मुकाबले की शुरुआत से ही प्रीति ने आक्रामक रुख अपनाते हुए विपक्षी मुक्केबाज पर मनोवैज्ञानिक और मैदानी दबाव बना दिया। प्रीति के लगातार सटीक पंच, तेज तर्रार मूवमेंट और शानदार डिफेंसिव फुटवर्क के सामने निकोल क्लाइड के पास कोई जवाब नहीं था। तीन राउंड के खेल के बाद पांचों जजों ने सर्वसम्मति से भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में 30-25, 30-25, 30-26, 30-26 और 30-27 का स्कोर दिया। इस एकतरफा जीत से प्रीति ने सेमीफाइनल में कदम रखा, जहां 31 जुलाई को भारतीय समयानुसार दोपहर 3:15 बजे उनका सामना जाम्बिया की बॉक्सर कैथरीन म्वापे से होगा।
प्रिया घंघास की जुझारू वापसी और स्प्लिट डिसीजन में जीत
महिलाओं के 60 किलोग्राम भारवर्ग में विश्व की चौथे नंबर की बॉक्सर प्रिया घंघास को स्कॉटलैंड की स्थानीय मुक्केबाज नियाम मिशेल के खिलाफ कड़ा मुकाबला खेलना पड़ा। घरेलू दर्शकों के भरपूर समर्थन के बीच खेल रही नियाम मिशेल ने पहले राउंड में आक्रामक प्रहार करते हुए शुरुआती बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, प्रिया ने दबाव में बिखरे बिना दूसरे राउंड में जबरदस्त वापसी की और लगातार पंच बरसाकर मैच का संतुलन बराबर कर दिया। इस कड़े राउंड के दौरान रेफरी द्वारा दोनों मुक्केबाजों का एक-एक पॉइंट काटा भी गया, जिससे मुकाबला और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
मैच के निर्णायक और अंतिम तीसरे राउंड में प्रिया घंघास ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया। उन्होंने दूरी बनाए रखते हुए सटीक काउंटर पंच लगाए, जिसने पांचों जजों को प्रभावित किया। मुकाबला खत्म होने पर चार जजों ने प्रिया के समर्थन में 28-27, 28-27, 28-27 और 29-26 का फैसला सुनाया, जबकि केवल एक जज ने 28-27 से मिशेल के पक्ष में अंक दिए। 4-1 के इस स्प्लिट डिसीजन के साथ प्रिया ने मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए एक और मेडल पक्का कर दिया।
भारतीय मुक्केबाजी दल का स्वर्णिम सफर जारी
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन लगातार शानदार बना हुआ है। लवलीना बोरगोहेन द्वारा मेडल पक्का किए जाने के बाद अब प्रीति और प्रिया घंघास की जीत ने भारतीय दल के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है। दोनों ही मुक्केबाज अब 31 जुलाई को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबलों की तैयारियों में जुट गई हैं, ताकि वे अपनी जीत के सिलसिले को बरकरार रखते हुए फाइनल में जगह बनाएं और देश के लिए गोल्ड मेडल अपने नाम करें।



















