पाकिस्तान के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम आगामी 21 अगस्त 2026 को स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाली लुसाने डायमंड लीग प्रतियोगिता से बाहर हो गए हैं। स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में हाल ही में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बेहद निराशाजनक और आउट ऑफ फॉर्म प्रदर्शन के बाद नदीम ने यह बड़ा कदम उठाया है। उनके इस अचानक नाम वापस लेने की वजह से खेल प्रशंसकों को लुसाने में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित भिड़ंत देखने को नहीं मिलेगी। नदीम ने प्रतियोगिता से हटने का फैसला दक्षिण अफ्रीका में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने और अपनी खोई हुई लय तथा तकनीक को दोबारा हासिल करने के उद्देश्य से लिया है।
एशियन गेम्स और साउथ अफ्रीका में विशेष ट्रेनिंग का प्लान
अरशद नदीम के इस अहम फैसले के बारे में जानकारी देते हुए उनके लंबे समय से मार्गदर्शन कर रहे कोच सलमान बट ने बताया कि 28 वर्षीय यह खिलाड़ी फिलहाल पाकिस्तान के लाहौर शहर में कड़ा अभ्यास कर रहा है। सलमान बट के अनुसार, नदीम जल्द ही दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना होंगे, जहां वे पोचेफ्सट्रूम स्थित उच्च स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र में कुछ हफ्तों तक रुककर सघन अभ्यास सत्रों में भाग लेंगे। वहां वे अपने विदेशी कोच टर्सियस लीबेनबर्ग और स्थानीय विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सीधी देखरेख में अपनी फिटनेस, थ्रोइंग तकनीक और शारीरिक क्षमता में सुधार पर ध्यान देंगे।
कोच सलमान बट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नदीम ने इस महीने होने वाले लुसाने डायमंड लीग मुकाबले को छोड़ने का निर्णय इसलिए लिया है ताकि वे अपना पूरा ध्यान और ऊर्जा आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी पर केंद्रित कर सकें। नदीम का मुख्य लक्ष्य इस साल आयोजित होने वाले एशियाई गेम्स 2026 और विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में शीर्ष प्रदर्शन करना है। इसी रणनीति के तहत उन्होंने लुसाने में नीरज चोपड़ा के खिलाफ खेलने के बजाय दक्षिण अफ्रीका में विशेष प्रशिक्षण लेने के विकल्प को चुना है।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन का असर
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भाला फेंक प्रतियोगिता के दौरान अरशद नदीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था। उस मुकाबले में भारतीय भाला फेंक दल ने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए देश की झोली में दो पदक डाले थे, जिनमें स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने शानदार थ्रो करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था। इसके ठीक विपरीत, ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम मैदान पर पूरी तरह से लय से बाहर दिखाई दे रहे थे।
हालांकि नदीम शुरुआती दौर को पार करते हुए मुख्य फाइनल इवेंट के लिए क्वालीफाई करने में तो कामयाब रहे थे, लेकिन फाइनल मुकाबले में वे उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। तीन शुरुआती थ्रो पूरा करने के बाद भी वे शीर्ष आठ एथलीटों की सूची में अपनी जगह बनाने में नाकाम रहे और वहीं से प्रतियोगिता से बाहर हो गए। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद से ही नदीम को खेल जगत और मीडिया की तीखी आलोचना झेलनी पड़ रही है। इसी भारी दबाव के बीच अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दक्षिण अफ्रीका की विशेष ट्रेनिंग के बाद आगामी बड़े टूर्नामेंटों में वे किस रूप में वापसी करते हैं।



















