भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड सितंबर के महीने में अपने शीर्ष प्रशासनिक और रणनीतिक ढांचे में व्यापक बदलाव करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस संभावित फेरबदल के तहत पूर्व भारतीय बल्लेबाज और वर्तमान में बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को बोर्ड में 'डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट' का नया और अत्यंत महत्वपूर्ण पद सौंपा जा सकता है। यह नया पद भारतीय क्रिकेट के तीनों मुख्य स्तंभों यानी चयन समिति, राष्ट्रीय टीम के कोचिंग स्टाफ और युवा खिलाड़ियों के विकास कार्यक्रमों को एक एकीकृत रणनीतिक प्रणाली के तहत लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रशासनिक फेरबदल और अजीत अगरकर का कार्यकाल
सितंबर में भारतीय क्रिकेट बोर्ड के कई मुख्य प्रशासनिक पदों पर बदलाव की समयसीमा पूरी हो रही है। सीनियर पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल इसी महीने समाप्त होने वाला है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय टीम के पूरे कोचिंग ढांचे की समीक्षा का कार्य भी जारी है। इन सभी प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड अपने शीर्ष प्रबंधन में बड़े स्तर पर पुनर्गठन की योजना बना रहा है। हालांकि इस नई पोजिशन की सटीक संरचना को लेकर बीसीसीआई की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन क्रिकेट संचालन को अधिक प्रभावी और केंद्रित बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और राष्ट्रीय टीम के साथ अनुभव
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भी वीवीएस लक्ष्मण बेंगलुरु में स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख का अपना वर्तमान कार्यभार संभालते रहेंगे। इस पद पर रहते हुए वह खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास और हाई-परफॉर्मेंस कार्यक्रमों का प्रबंधन एवं निगरानी करते हैं। लक्ष्मण का जुड़ाव भारत की वरिष्ठ पुरुष टीम के साथ भी लगातार बना रहा है और वह पूर्व में जरूरत पड़ने पर अंतरिम मुख्य कोच का दायित्व भी सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। हाल ही के घटनाक्रम में जब इंग्लैंड दौरे के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके नियमित सपोर्ट स्टाफ को विश्राम दिया गया था, तब लक्ष्मण ने ही जिम्बाब्वे दौरे पर युवा भारतीय टीम का मार्गदर्शन किया था और टीम को 3-0 से टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में शानदार विजय दिलाई थी।
'डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट' की भूमिका का महत्व
इस नए पद का मूल उद्देश्य भारतीय क्रिकेट के संपूर्ण संचालन को एक ही केंद्रीय बिंदु से दिशा देना है। यद्यपि इस पद की अंतिम रूपरेखा बीसीसीआई के अंतिम ढांचे पर आधारित होगी, किंतु 'डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट' के रूप में लक्ष्मण की प्राथमिक जिम्मेदारी सीनियर राष्ट्रीय टीम, राष्ट्रीय चयनकर्ताओं, मुख्य कोच और बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की होगी। इस संयुक्त प्रयास से देश के विभिन्न हिस्सों से उभरती हुई क्रिकेट प्रतिभाओं की पहचान करने, उनके प्रदर्शन का विश्लेषण करने तथा खिलाड़ियों की लंबी अवधि की हाई-परफॉर्मेंस प्लानिंग को सुगम बनाने में बहुत बड़ी सहायता मिलेगी।



















