सिडनी में खेले जा रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु का दबदबा शुक्रवार को साफ नजर आया। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता इस अनुभवी शटलर ने महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में जिस अंदाज में जीत दर्ज की, उसने उनके चाहने वालों को एक बार फिर उम्मीदों से भर दिया।
27 मिनट में खत्म हुआ एकतरफा मुकाबला
तीसरी वरीयता प्राप्त सिंधु के सामने अंतिम आठ के मुकाबले में चीनी ताइपे की चेन सू यू थीं, लेकिन यह जंग बेहद एकतरफा साबित हुई। सिंधु ने पहले प्वाइंट से ही नियंत्रण अपने हाथ में रखा और प्रतिद्वंद्वी को संभलने तक का मौका नहीं दिया। नतीजा यह रहा कि महज 27 मिनट में 21-6, 21-9 के स्कोर के साथ सीधे गेमों में मुकाबला उनके नाम रहा और सेमीफाइनल की टिकट पक्की हो गई।
सेमीफाइनल में जापानी चुनौती
अंतिम चार में सिंधु का सामना अब जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त अकाने यामागुची से होगा। यामागुची ने अपने क्वार्टर फाइनल में भारत की उभरती किशोरी तन्वी शर्मा के शानदार सफर पर विराम लगा दिया। 32 मिनट तक चले इस मुकाबले में जापानी खिलाड़ी ने तन्वी को 21-14, 21-14 से शिकस्त दी।
आमने-सामने का रिकॉर्ड सिंधु के पक्ष में
सिंधु और यामागुची की भिड़ंत हमेशा से रोमांचक रही है और आंकड़ों में भारतीय खिलाड़ी का पलड़ा थोड़ा भारी है। दोनों के बीच अब तक कुल 28 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें से 15 बार जीत सिंधु को मिली है, जबकि यामागुची 13 बार बाजी मार चुकी हैं। यानी यह सेमीफाइनल कागजों पर भी कांटे की टक्कर वाला है।
खिताबी सूखे को तोड़ने की कोशिश
यह सेमीफाइनल सिंधु के लिए सिर्फ एक और मैच नहीं, बल्कि अपनी खोई लय वापस पाने का मौका है। मौजूदा सत्र में उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव से भरा रहा है और वह बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर पर लंबे समय से खिताब की तलाश में हैं। सिंधु को अपने आखिरी खिताब के लिए दिसंबर 2024 तक पीछे जाना पड़ता है, जब उन्होंने सैयद मोदी इंटरनेशनल अपने नाम किया था। तब से अब तक उनकी ट्रॉफी कैबिनेट में कोई नया जोड़ नहीं हुआ है।
यहां तक का सफर
सेमीफाइनल तक पहुंचने के रास्ते में सिंधु ने प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी ही हमवतन ईशारानी बरुआ को हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया था। चेन सू यू पर आसान जीत के बाद अब उनकी नजरें खिताब की ओर बढ़ते इस सफर को आगे ले जाने पर टिकी हैं।













